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Saturday, 7 November 2026
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ओडिशा-बंगाल में ईडी की छापेमारी, कल्पना फाइनेंशियल केस में 11 ठिकानों पर तलाशी

ओडिशा बंगाल में ईडी की छापेमारी, कल्पना फाइनेंशियल केस में 11 ठिकानों पर तलाशी

Odisha-बंगाल में ईडी की छापेमारी, कल्पना फाइनेंशियल केस में 11 ठिकानों पर तलाशी

भुवनेश्वर, 6 नवंबर . Enforcement Directorate (ईडी) के भुवनेश्वर जोनल ऑफिस ने मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में कार्रवाई करते हुए Odisha और पश्चिम बंगाल में 11 जगहों पर तलाशी अभियान चलाया.

दरअसल, ईडी के भुवनेश्वर जोनल ऑफिस ने ‘कल्पना फाइनेंशियल सर्विसेज’ और अन्य से जुड़े मामले में ‘प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट’ (पीएमएलए), 2002 के तहत Wednesday को Odisha और पश्चिम बंगाल में 11 जगहों पर तलाशी अभियान चलाया.

ईडी ने Friday को जारी अपने एक आधिकारिक बयान में बताया कि इस तलाशी के दौरान कई अहम दस्तावेज और डिजिटल डिवाइस जब्त किए गए. इसके अलावा, अलग-अलग बैंकों में मौजूद 36 खातों में जमा लगभग 4.5 करोड़ रुपए की राशि और एक लॉकर को फ्रीज कर दिया गया. ईश्वर चंद्र बिंधानी के घर की तलाशी के दौरान वन्यजीवों के अवशेष होने का संदेह पैदा करने वाली कुछ चीजें मिलीं. इसकी जानकारी तुरंत बारीपदा के डिविजनल फॉरेस्ट ऑफिसर (डीएफओ) को दी गई.

उनकी टीम ने जांच में पाया कि इनमें हाथी के दो जबड़े और एक हड्डी तथा सांभर हिरण के सींगों के छह टुकड़े शामिल हो सकते हैं. इसके बाद, ‘वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972’ के तहत कार्रवाई की गई. ईडी ने यह जांच Odisha Police की ईओडब्ल्यू (भुवनेश्वर) द्वारा अमित मंडल, संजय कुमार सामल, ईश्वर चंद्र बिंधानी, श्रीकांत मल्लिक, पार्थ सारथी महापात्रा और अन्य के खिलाफ दर्ज First Information Report के आधार पर शुरू की थी.

यह मामला कथित निवेश धोखाधड़ी से जुड़ा है, जिसमें लोगों को शेयर बाजार और ट्रेडिंग गतिविधियों के जरिए हर महीने लगभग 3.5 प्रतिशत से 7 प्रतिशत तक का निश्चित रिटर्न देने का लालच देकर निवेश करने के लिए कहा गया था. ईडी की जांच से पता चलता है कि अमित मंडल ने अपनी कंपनियों और फर्मों जैसे कल्पना कंसल्टेंसी सर्विसेज, मुरली कंसल्टेंसी सर्विसेज, कल्पमित कंसल्टेंसी प्राइवेट लिमिटेड, आदि के जरिए यह निवेश स्कीम चलाई.

इसके लिए उन्होंने एजेंटों, परिचय कराने वालों (इंट्रोड्यूसर) और स्थानीय समन्वयकों (कोऑर्डिनेटर) का एक नेटवर्क इस्तेमाल किया. निवेशकों को लुभाने के लिए प्रचार बैठकें की गईं, व्हाट्सएप पर बातचीत की गई और रेफरल नेटवर्क का सहारा लिया गया.

एजेंसी ने बताया कि इसके साथ ही निवेशकों को समझौते और भविष्य की तारीख वाले चेक दिए गए. शुरुआती भुगतान ने और अधिक निवेश को बढ़ावा दिया, जबकि रिटर्न का भुगतान और मूल राशि की वापसी कथित तौर पर जुलाई 2024 के आसपास बंद हो गई.

योजना के चलने के दौरान संदिग्ध व्यक्तियों के खातों में 120 करोड़ रुपए जमा पाए गए. पश्चिम बंगाल के बांकुरा में अमित मंडल के कार्यालय परिसर में की गई तलाशी के दौरान यह पता चला कि वह बांकुरा स्थित उस जगह को छोड़ चुका था और अब अपनी पहले से ज्ञात जगहों पर भी मौजूद नहीं था.

इसके बाद, तकनीकी निगरानी के जरिए उसका पता लगाने की कोशिशें की गईं. इन कोशिशों से पता चला कि वह कर्नाटक के Bengaluru में है, जहां उसे ढूंढ लिया गया और पीएमएलए के तहत उसका बयान दर्ज किया गया. वहीं, ईडी की ओर से इस मामले से संबंधित आगे की जांच जारी है.

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डीके/डीकेपी

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