ऑनलाइन अभद्र भाषा बोलने वाले ने श्वेता तिवारी से मांगी माफी, अभिनेत्री ने ट्रोल को ट्रैक करने के लिए मनसे सदस्य का किया धन्यवाद

Mumbai , 27 अगस्त . Actress श्वेता तिवारी ने हाल ही में social media पर मौजूद कुछ ऐसे कमेंट्स और मैसेज सामने रखे, जिनमें महिलाओं के खिलाफ बेहद आपत्तिजनक और गाली-गलौज वाली भाषा का इस्तेमाल किया गया था.

इस मामले को लेकर Actress ने सवाल उठाया कि आखिर social media पर महिलाओं को इस तरह अपमानित कब तक किया जाएगा. उन्होंने बताया कि उनकी पोस्ट के बाद Maharashtra नव निर्माण सेना (मनसे) की सदस्य स्नेहल अडारकर ने उनसे संपर्क साधा और मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित व्यक्ति तक पहुंचने की कोशिश की.

कुछ दिन पहले श्वेता तिवारी ने social media पर कुछ ऐसे कमेंट्स के स्क्रीनशॉट और स्टोरीज शेयर की थीं, जिनमें कुछ पुरुष महिलाओं के लिए बेहद आपत्तिजनक और गाली-गलौज वाली भाषा का इस्तेमाल कर रहे थे. श्वेता ने उन लोगों के इंस्टाग्राम अकाउंट भी शेयर किए थे. उन्होंने सवाल उठाया था कि क्या महिलाओं के साथ इस तरह का व्यवहार उन लोगों के लिए सही है, जो खुद को मनसे प्रमुख राज ठाकरे का समर्थक बताते हैं.

इसके बाद मनसे की सदस्य स्नेहल अडारकर ने श्वेता से संपर्क किया. Actress ने बताया कि स्नेहल ने उनसे साफ कहा कि पार्टी महिलाओं के खिलाफ इस तरह के व्यवहार का समर्थन नहीं करती और न ही ऐसे व्यवहार को पसंद करती है. पोस्ट में जिन लोगों का जिक्र किया गया था, वे मनसे के सदस्य नहीं थे.

श्वेता ने कहा, ”स्नेहल ने कहा कि वह इस मामले में शामिल लोगों को ढूंढने की कोशिश करेंगी और इसके लिए कुछ दिन का समय मांगा था. इसके बाद महज तीन दिनों के अंदर स्नेहल ने उन्हें उस व्यक्ति का फोन नंबर भेजा, जो इस मामले में शामिल था. साथ ही उस व्यक्ति की ओर से हाथ से लिखा माफी पत्र भी शेयर किया गया.”

श्वेता ने इस पूरी कोशिश के लिए स्नेहल अडारकर और मनसे की टीम का धन्यवाद किया. उन्होंने कहा, ”मैं इस बात की सराहना करती हूं कि टीम ने इस मामले को गंभीरता से लिया और संबंधित व्यक्ति तक पहुंचने की कोशिश की. मुझे यह जानकर अच्छा लगा कि किसी ने महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपमान को गंभीरता से लिया. स्नेहल ने मुझे यह भी भरोसा दिया कि अगर भविष्य में मुझे इस तरह की किसी परेशानी का सामना करना पड़ता है तो वह मेरे साथ खड़ी हैं.”

श्वेता ने आगे कहा, ”एक-दो लोगों को पकड़ लेना अच्छी बात है, लेकिन सवाल यह है कि उन हजारों या शायद लाखों लोगों का क्या होगा, जो स्क्रीन के पीछे छिपकर खुद को सुरक्षित समझते हैं. असली समस्या उस सोच की है, जिसमें कुछ लोग यह मान लेते हैं कि वे social media पर महिलाओं को कुछ भी कह सकते हैं और उन्हें इसका कोई नतीजा नहीं भुगतना पड़ेगा. महिलाओं के खिलाफ ऑनलाइन दुर्व्यवहार एक बड़ी समस्या है और इसे बदलने के लिए लोगों की सोच बदलना जरूरी है. social media की आड़ में किसी को भी महिलाओं का अपमान करने की आजादी नहीं मिलनी चाहिए.”

पीके/डीकेपी

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