
भुवनेश्वर, 10 अक्टूबर . स्टारलिंक को India में लाइसेंस न मिलने से बौखलाए टेस्ला प्रमुख एलन मस्क के India Government और मुकेश अंबानी पर दिए जा रहे बयानों को भारतीय जनता पार्टी के राज्यसभा सदस्य सुजीत कुमार ने बचकाना और नखरेबाजी करार दिया है.
सुजीत कुमार ने दो टूक कहा कि India में कारोबार करना है तो देश के कानून का पालन करना होगा. उन्होंने कहा कि social media पोस्ट कर बिजनेस नहीं होता और कोई खुद को सुपर बॉस समझकर सुरक्षा मानकों में छूट की उम्मीद नहीं कर सकता.
सांसद सुजीत कुमार ने कहा, “Government का यह कर्तव्य है कि वह कानून-व्यवस्था और स्थिरता बनाए रखे और नागरिकों में विश्वास जगाए. जिस तरह से ये अराजक तत्व, सीजेआई और कुछ विपक्षी नेता और पार्टियां राष्ट्र को बंधक बनाने की कोशिश कर रहे हैं, खासकर राजधानी New Delhi को, यह सबके सामने है.”
उन्होंने आगे कहा कि आप क्या उम्मीद करते हैं कि Government उन्हें Governmentी संपत्ति और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, नागरिकों के साथ दुर्व्यवहार करने, Policeकर्मियों, खासकर महिला Policeकर्मियों को परेशान करने देगी? जिस तरह का उत्पीड़न आप अब social media पर कानून प्रवर्तन एजेंसियों, खासकर महिला Policeकर्मियों के साथ होते हुए देख रहे हैं, वह पाप है.
BJP MP ने कहा कि अब जब Government चीजों को नियंत्रण में लाने की कोशिश कर रही है और यह सुनिश्चित कर रही है कि आम नागरिकों को कोई असुविधा न हो, तो मुझे नहीं पता कि समस्या क्या है. यह Government का काम है और कोई भी लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार से इनकार नहीं कर रहा है. हर नागरिक, हर समूह के पास अधिकार है, बल्कि यह कर्तव्य भी है कि वह Government की नीतियों के खिलाफ आवाज उठाए. आप जानते हैं, जिस तरह कल विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा कि ममता बनर्जी और अन्य ने India की President से मुलाकात की और President ने उन्हें मामले को देखने का आश्वासन दिया और राहुल गांधी द्वारा दी गई सभी जानकारियों पर गौर किया जाएगा.
सुजीत कुमार ने कहा कि उन्होंने President के साथ वोट-शेयरिंग से इनकार नहीं किया और अन्य बातें भी साझा कीं. यहां तक कि खड़गे ने भी कहा कि उन्होंने मतपत्र से मतदान का अनुरोध किया है. मुझे विवरण नहीं पता, मुझे नहीं पता कि President मुर्मू ने इस प्रतिनिधिमंडल को क्या आश्वासन दिया या उन्होंने उनसे क्या कहा, इसलिए मैं इस पर टिप्पणी नहीं करना चाहूंगा, लेकिन वोट चोरी के आरोपों के संबंध में यह अब एक सामान्य चलन बन गया है.
BJP MP ने कहा कि आप बस लक्ष्य बदलते रहते हैं और भाग जाते हैं. यही वह रणनीति है जिसका विपक्षी दल, विशेष रूप से राहुल गांधी उपयोग कर रहे हैं. आज ईवीएम पर आरोप लगाना, कल एसआईआर प्रक्रिया के बारे में बात करना, तीसरे दिन चुनाव आयोग के भीतर असहमति की बात करना. मुझे लगता है कि वह सिर्फ प्रासंगिक बने रहने और देश में अशांति पैदा करने के लिए किसी न किसी मुद्दे से जुड़ने की कोशिश कर रहे हैं.
उन्होंने कहा कि अभी हाल ही में असम में शहरी निकाय चुनाव हुए थे और मुझे लगता है कि वहां मतपत्र का इस्तेमाल किया गया था. मुझे लगता है कि कांग्रेस ने 44 या 46 शहरी निकायों में से केवल दो में जीत हासिल की. देश की जनता ने आपको अस्वीकार कर दिया है और आप ईवीएम को दोष दे रहे हैं, आप एसआईआर प्रक्रिया को दोष दे रहे हैं, आप वोट चोरी का दावा कर रहे हैं. आप किस तरह के हारे हुए व्यक्ति हैं? यह सिर्फ एक भ्रामक रणनीति है.
सुजीत कुमार ने कहा कि देश की जनता राहुल गांधी को अपना Prime Minister या कांग्रेस पार्टी को सत्ता में नहीं देखना चाहती. और इसीलिए वे लगातार राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी को नकार रहे हैं. वे सिर्फ जनता का ध्यान भटकाने के लिए ऐसे बेतुके दावे और आरोप लगा रहे हैं.
इन दिनों टेस्ला के मालिक और अरबपति एलन मस्क स्टारलिंक के लाइसेंस की अनुमति न मिलने को लेकर India Government और मुकेश अंबानी पर कई तरह के बयान दे रहे हैं. इस पर प्रतिक्रिया देते हुए BJP MP ने कहा कि मुझे लगता है कि यह बच्चों के नखरे जैसा है. हम देखते हैं कि जब बच्चों को खिलौने या मनचाही चीज नहीं मिलती, तो वे नखरे दिखाते हैं. एलन मस्क का व्यवहार बहुत ही बचकाना है. यदि वह India में कारोबार करना चाहते हैं, तो उन्हें देश के कानून का पालन करना होगा.
उन्होंने कहा कि सैटेलाइट कारोबार एक बेहद संवेदनशील क्षेत्र है और इसका देश की सुरक्षा पर भी बड़ा असर पड़ता है. इसलिए उन्हें सुरक्षा एजेंसियों, निगरानी एजेंसियों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों से मंजूरी लेनी होती है. आप एक सुपर बॉस की तरह व्यवहार नहीं कर सकते और फिर यह कहें कि सिर्फ इसलिए कि आप एलन मस्क हैं, इन जरूरी शर्तों में छूट दी जाए.
उन्होंने कहा कि मेरा मानना है कि India ने हमेशा निष्पक्ष और गैर भेदभावपूर्ण नीतियों का पालन किया है और जब तक आप देश के कानून का पालन करते हैं. आपके पास प्रतिस्पर्धा का उचित अवसर है. मुझे लगता है कि सिर्फ बचकाने पोस्ट करने से कारोबार नहीं होता. उन्हें पता होना चाहिए कि स्पेक्ट्रम आवंटन या लाइसेंसिंग एक तय मानक प्रक्रिया के तहत होती है, जिसमें विस्तृत सुरक्षा मंजूरी शामिल होती है. इसलिए यह काम जल्दबाजी में नहीं होगा.
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केके/वीसी