
चेन्नई, 26 सितंबर . भारतीय वायुसेना के एयर फोर्स स्टेशन तांबरम स्थित फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर्स स्कूल (एफआईएस) में 161वें क्वालिफाइड फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर्स कोर्स (क्यूएफआईसी) का दीक्षांत समारोह आयोजित किया गया. इस दौरान रक्षा बलों के 54 पायलट सफलतापूर्वक प्रशिक्षण पूरा कर क्वालिफाइड फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर बने.
समारोह में पश्चिमी वायु कमान के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ एयर मार्शल जॉर्ज थॉमस ने बतौर समीक्षा अधिकारी (रिव्यूइंग ऑफिसर) शिरकत की और प्रशिक्षित पायलटों को प्रतिष्ठित ‘क्वालिफाइड फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर’ प्रतीक प्रदान किया.
13 अप्रैल 2026 से शुरू हुए इस कोर्स में 24 सप्ताह का कड़ा प्रशिक्षण दिया गया. प्रशिक्षण में उड़ान के 10 चरण और 200 घंटे से अधिक का ग्राउंड प्रशिक्षण शामिल था.
इस बैच में भारतीय वायुसेना के 42, भारतीय नौसेना के 7, भारतीय सेना के 3 और भारतीय तटरक्षक बल के 2 पायलट शामिल थे. इसके अलावा, तीन मित्र देशों के पायलटों ने भी सफलतापूर्वक प्रशिक्षण पूरा कर स्नातक किया.
समारोह में उड़ान और ग्राउंड विषयों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले पायलटों को विभिन्न ट्रॉफियां प्रदान की गईं. मजीठिया ट्रॉफी (ओवरऑल प्रथम): स्क्वाड्रन लीडर बोपन्ना ए.ए.. अर्जन सिंह ट्रॉफी (फिक्स्ड विंग फ्लाइंग): स्क्वाड्रन लीडर शिवकुमार भटकारे. अर्जन सिंह ट्रॉफी (रोटरी विंग फ्लाइंग): स्क्वाड्रन लीडर सौम्या शर्मा. निर्मलजीत सिंह सेखों ट्रॉफी (एरोबेटिक्स): स्क्वाड्रन लीडर बिजो एंटोन. दिलबाग ट्रॉफी (इंस्ट्रक्शनल टेक्नीक): लेफ्टिनेंट कमांडर पार्थ देशपांडे. सुब्रोतो मुखर्जी ट्रॉफी (ग्राउंड सब्जेक्ट्स): स्क्वाड्रन लीडर अमोल गर्ग. मेहर सिंह ट्रॉफी (ओवरऑल द्वितीय): स्क्वाड्रन लीडर अवनी चतुर्वेदी.
अपने संबोधन में एयर मार्शल जॉर्ज थॉमस ने सभी प्रशिक्षित पायलटों और पुरस्कार विजेताओं को बधाई दी. उन्होंने कहा कि अब इन फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर्स की जिम्मेदारी है कि वे अपने प्रशिक्षुओं को आत्मविश्वासी, पेशेवर और पूरी तरह सक्षम सैन्य पायलट के रूप में तैयार करें, ताकि वे भारतीय वायुसेना और अन्य रक्षा सेवाओं की जरूरतों को प्रभावी ढंग से पूरा कर सकें.
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डीएससी