एमपी कांग्रेस प्रमुख ने राज्य में 2,426 स्कूलों को बंद करने और उनके विलय को लेकर सरकार से सवाल किया

Bhopal , 4 सितंबर . Madhya Pradesh कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने Friday को 2025-26 के दौरान राज्य में 2,426 स्कूलों को बंद करने और विलय करने पर मोहन यादव Government से सवाल किया और पूछा कि क्या सिकुड़ते स्कूल नेटवर्क के कारण ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर क्षेत्रों में बच्चों के लिए शिक्षा कम सुलभ हो रही है.

Chief Minister मोहन यादव को लिखे एक कड़े पत्र में पटवारी ने उन 2,426 स्कूलों की जिलेवार, ब्लॉक-वार और स्कूल-वार जानकारी मांगी और Government से यह स्पष्ट करने को कहा कि प्रशासनिक आदेशों के जरिए कितने स्कूल बंद किए गए, मिलाए गए या बंद कर दिए गए.

ताजा यूडीआईएसई+ डेटा से पता चलता है कि 2025-26 में देश भर में बंद हुए या मिलाए गए 4,791 स्कूलों में से 2,426 स्कूल Madhya Pradesh में थे, जो सभी राज्यों में सबसे ज्यादा संख्या है.

पटवारी ने ऐसे समय में स्कूलों की संख्या कम करने के तर्क पर सवाल उठाया, जब Government उच्च शिक्षा पर खर्च, बेहतर नतीजों और नई योजनाओं को अपनी उपलब्धियों के तौर पर बता रही थी.

उन्होंने पूछा कि क्या Government ने इस बात का आकलन किया है कि स्कूलों के विलय के बाद बच्चों को कितनी अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ेगी और क्या उनके लिए ट्रांसपोर्ट, साइकिल, बस या आने-जाने के दूसरे सुरक्षित इंतजाम किए गए हैं.

कांग्रेस नेता ने स्कूल छोड़ने और दाखिले के आंकड़ों पर भी सवाल उठाए और स्कूल न जाने वाले बच्चों, पढ़ाई छोड़ने वाले बच्चों, दूसरे स्कूलों में जाने वाले छात्रों और यूडीआईएसई+ में शामिल न किए गए छात्रों के अलग-अलग आंकड़े मांगे.

यूडीआईएसई+ डेटा का जिक्र करते हुए पटवारी ने Government से कक्षा 9-10 के लिए 13 प्रतिशत ड्रॉप आउट दर के कारणों को स्पष्ट करने को कहा और कक्षा 8 से 9 और 10 से 11 में जाने के दौरान शिक्षा व्यवस्था छोड़ने वाले बच्चों की जानकारी मांगी.

उन्होंने राज्य शिक्षा पोर्टल और यूडीआईएसई+ के दाखिले के आंकड़ों के बीच अंतर पर भी सवाल उठाए और किसी भी गड़बड़ी के लिए जवाबदेही तय करने की मांग की. पटवारी ने बताया कि Madhya Pradesh में स्कूलों की संख्या 2024-25 में 1,22,120 से घटकर 2025-26 में 1,19,694 हो गई, जबकि शिक्षकों की संख्या 6,82,492 से बढ़कर 6,92,820 हो गई.

उन्होंने जानकारी मांगी कि स्कूलों की संख्या कम होने के बावजूद अतिरिक्त शिक्षकों को कहां तैनात किया गया. कांग्रेस नेता ने बंद किए गए या मिलाए गए स्कूलों की जमीन, इमारतों, फर्नीचर, प्रयोगशालाओं और अन्य संपत्तियों के इस्तेमाल की जानकारी भी मांगी.

डीके/एबीएम

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