एनडीए नेता बोले- चुनाव आयोग के हलफनामे से खुली विपक्ष के झूठ और साजिश की पोल

New Delhi, 27 अक्टूबर . India के चुनाव आयोग द्वारा Supreme Court में हलफनामा दाखिल किए जाने पर एनडीए के नेताओं ने कहा कि विपक्ष के झूठ की पोल खुल गई है. नेताओं ने कहा कि राहुल गांधी समेत इंडी गठबंधन के नेताओं ने चुनाव आयोग के खिलाफ झूठी बातें फैलाईं.
भाजपा प्रवक्ता ने कहा, “राहुल गांधी की झूठ की पोल खुल गई है. चुनाव आयोग ने अपने हलफनामे में स्पष्ट किया है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और दोनों चुनाव आयुक्त की सहमति से एसआईआर से जुड़े फैसले सर्वसम्मति से लिए गए थे. अब साफ हो गया है कि राहुल गांधी ने वोट चोरी का मुद्दा देश को भ्रमित करने के लिए उठाया था.”
जदयू प्रवक्ता राजीव रंजन ने कहा, “विपक्ष ने एक मीडिया रिपोर्ट के आधार पर चुनाव आयोग के तीनों आयुक्तों में मतभेद का मुद्दा उठाया था. तीनों चुनाव आयुक्तों ने Supreme Court में दाखिल हलफनामे में कहा है कि हर फैसले सर्वसम्मति से लिए गए थे और फॉर्म-6 में कोई बदलाव नहीं हुआ है. यह विपक्ष को करारा जवाब है.
जेडीयू नेता श्याम रजक ने कहा, “चुनाव आयोग के हलफनामे से स्पष्ट हो गया है कि विपक्ष ने वोट चोरी और फार्म-6 में बदलाव को लेकर झूठ फैलाया और देश को भ्रमित किया है. एसआईआर को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त और दोनों आयुक्तों ने सर्वसम्मति से फैसले लिए थे.”
उत्तर प्रदेश Government के मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने कहा, “Lok Sabha और राज्यसभा में प्रस्ताव पास होने और President की सहमति के बाद ही मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाया जा सकता है. राहुल गांधी और अखिलेश यादव के शोर मचाने से मुख्य चुनाव आयुक्त नहीं हटेंगे. लगातार चुनाव हारने के कारण विपक्षी नेता मुख्य चुनाव आयुक्त पर झूठा आरोप लगा रहे हैं. सबसे पहले कांग्रेस ने वोट चोरी की थी. जब 14 प्रांतीय कमेटी बनी और मतदान करने के लिए 14 लोगों को अधिकार मिला तो 11 वोट सरदार पटेल, 2 वोट जवाहर लाल नेहरू और 1 वोट जिन्ना को मिला था. हालांकि 2 वोट पाकर जवाहर लाल नेहरू Prime Minister बन गए थे. कांग्रेस ने उस समय वोट चोरी की थी.
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