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Saturday, 17 October 2026
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‘एक अभिजीत को हिरासत में लोगे, हजारों अभिजीत खड़े होंगे’, हिरासत पर सीजेपी की प्रतिक्रिया

‘एक अभिजीत को हिरासत में लोगे, हजारों अभिजीत खड़े होंगे’, हिरासत पर सीजेपी की प्रतिक्रिया

New Delhi, 16 अक्टूबर . कॉक्रोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने अपने संस्थापक अभिजीत दिपके तथा अन्य साथियों को हिरासत में लिए जाने के बाद social media प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर प्रतिक्रिया दी है. पार्टी ने कहा कि एक अभिजीत को हिरासत में लेने पर हजारों अभिजीत खड़े होंगे और एक सौरव को जेल भेजने पर हजारों सौरव सड़कों पर उतरेंगे.

सीजेपी ने Friday को अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर पोस्ट में लिखा, “आप एक अभिजीत को हिरासत में लेते हैं, तो हजारों अभिजीत खड़े होंगे! आप एक सौरव को जेल में डालते हैं, तो हजारों सौरव सड़कों पर उतरेंगे! आप एक आशुतोष को जेल में डालते हैं, तो हजारों आशुतोष दिल्ली पहुंचेंगे!”

सीजेपी ने आगे लिखा, “तिरंगा हमारी जान है, तिरंगा हमारी शान है! हमें कोई नहीं रोक सकता!”

इससे पहले, दिल्ली Police ने Friday को सीजेपी के संस्थापक और संयोजक अभिजीत दिपके को हिरासत में ले लिया था. वह कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क में शाम पांच बजे प्रस्तावित ‘तिरंगा सभा’ में शामिल होने जा रहे थे. इस सभा का आह्वान उन्होंने पार्टी के सह-संयोजकों सौरव दास और आशुतोष रांका की गिरफ्तारी के विरोध में किया था.

दिपके की हिरासत के कुछ मिनट बाद ही ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा को भी दिल्ली Police ने हिरासत में ले लिया. उन्हें मंडी हाउस के पास से उस समय हिरासत में लिया गया, जब वह आइसा और अन्य वामपंथी संगठनों के कार्यकर्ताओं के साथ सीजेपी के ‘लहरा दो तिरंगा’ प्रदर्शन में शामिल होने जा रही थीं.

दिल्ली Police ने दिपके को पहले ही दो नोटिस जारी कर सेंट्रल पार्क में सभा आयोजित नहीं करने की हिदायत दी थी. नोटिस में कहा गया था कि New Delhi नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) ने कार्यक्रम की अनुमति नहीं दी है और आयोजन स्थल पर निषेधाज्ञा लागू है. Police ने निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी थी.

सीजेपी के प्रवक्ता मेहर पसरीचा ने से बातचीत में कहा था कि पार्टी का मुख्य उद्देश्य यह बताना है कि तिरंगा कहां फहराना है, यह तय करना उनका अधिकार है. उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय ध्वज देशभक्ति का प्रतीक है और इसे फहराने के रास्ते में कोई प्रतिबंध या बाधा नहीं होनी चाहिए.

अधिकारियों के अनुसार, दिपके को जारी एक नोटिस में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत लागू निषेधाज्ञा का हवाला देते हुए सेंट्रल पार्क नहीं जाने का निर्देश दिया गया था. दूसरे नोटिस में उन्हें याद दिलाया गया था कि दिपके, आशुतोष रांका और सौरव दास को अदालत में पेश किए जाने के बाद कानूनी रूप से पाबंद किया गया था. अधिकारियों के मुताबिक, अदालत के निर्देश के तहत उन्हें एक वर्ष तक ऐसी गतिविधियों से दूर रहने को कहा गया था, जिनसे सार्वजनिक शांति भंग हो सकती है.

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डीएससी

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