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Friday, 23 October 2026
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ऋद्धिमान साहा: तेज गेंदबाज के तौर पर शुरू हुआ था टीम इंडिया के बेहतरीन विकेटकीपर का सफर

ऋद्धिमान साहा: तेज गेंदबाज के तौर पर शुरू हुआ था टीम इंडिया के बेहतरीन विकेटकीपर का सफर

New Delhi, 23 अक्टूबर . भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व विकेटकीपर बल्लेबाज ऋद्धिमान साहा का करियर संघर्ष और सफलता का एक शानदार उदाहरण है. एक बेहतरीन विकेटकीपर के रूप में अपनी पहचान बनाने वाले साहा ने अपने रोमांचक करियर की शुरुआत एक तेज गेंदबाज के रूप में की थी.

ऋद्धिमान साहा का जन्म 24 अक्टूबर, 1984 को शक्तिगढ़, सिलीगुड़ी, पश्चिम बंगाल में हुआ था. बंगाल भारतीय क्रिकेट का गढ़ है और इसका असर साहा पर भी पड़ा. साहा ने क्रिकेट के क्षेत्र में अपना करियर बनाने का फैसला किया था. शुरुआती दिनों में साहा एक तेज गेंदबाज के रूप में खेला करते थे, लेकिन समय के साथ उनकी दिलचस्पी विकेटकीपिंग में बढ़ी. इसके बाद उन्होंने एक विकेटकीपर बल्लेबाज के तौर पर अपनी पहचान बनाने के लिए कड़ी मेहनत शुरू की.

2007 में बंगाल के लिए प्रथम श्रेणी और लिस्ट ए में डेब्यू करने वाले साहा को अच्छे प्रदर्शन के बावजूद भारतीय टीम में जगह बनाने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा. इसकी वजह महेंद्र सिंह धोनी थे, जो भारतीय कप्तान होने के साथ ही तीनों फॉर्मेट में स्थापित विकेटकीपर बल्लेबाज थे.

2010 में भारतीय टीम के लिए टेस्ट और वनडे फॉर्मेट में डेब्यू करने वाले साहा की टेस्ट टीम में नियमित जगह दिसंबर 2014 में धोनी के टेस्ट क्रिकेट से संन्यास के बाद बनी. इसके बाद साहा 2021 तक टेस्ट टीम में बतौर विकेटकीपर बल्लेबाज खेले. इसके बाद ऋषभ पंत ने विकेटकीपर बल्लेबाज के तौर पर टीम में अपनी जगह बना ली. साहा ने फरवरी 2025 में क्रिकेट से आधिकारिक रूप से संन्यास लिया.

साहा ने India के लिए 40 टेस्ट मैचों की 56 पारियों में 3 शतक और 6 अर्धशतक की मदद से 1,353 रन बनाए. वहीं, 9 वनडे की 5 पारियों में 2 बार नाबाद रहते हुए 41 रन बनाए. टेस्ट में साहा ने 92 कैच लिए और 12 स्टंप किए. वहीं, वनडे में उनके नाम 17 कैच और 1 स्टंप दर्ज है.

साहा का करियर मुख्यतः विराट कोहली की कप्तानी के दौरान था. विराट ने बतौर विकेटकीपर साहा की तारीफ की थी और उन्हें उस समय का बेहतरीन विकेटकीपर बताया था.

साहा निश्चित तौर पर ज्यादा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट नहीं खेले, लेकिन उनका नाम India के लिए खेलने वाले बेहतरीन विकेटकीपरों में शुमार है. विकेट के पीछे उनकी ऊर्जा और चुस्ती का कोई मुकाबला नहीं था. बतौर बल्लेबाज कई मौकों पर उन्होंने अपनी बल्लेबाजी से भी टेस्ट में India को हार से बचाया है और जीत दिलाई है.

बंगाल के लिए साहा का करियर शानदार रहा है. 2007 से 2025 के बीच 142 प्रथम श्रेणी मैचों की 210 पारियों में 14 शतक और 44 अर्धशतक की मदद से 7,169 रन बनाए. इस दौरान उन्होंने 346 कैच लिए और 38 स्टंप किए. वहीं, 116 लिस्ट ए मैचों में 3 शतक और 20 अर्धशतक की मदद से उन्होंने 3,072 रन बनाए.

साहा आईपीएल में भी एक सफल विकेटकीपर बल्लेबाज रहे हैं. 2008 से 2024 के बीच कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर), चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके), पंजाब किंग्स, सनराइजर्स हैदराबाद और Gujarat टाइटंस का हिस्सा रहते हुए उन्होंने 170 मैचों की 145 पारियों में 1 शतक और 13 अर्धशतक बनाते हुए 2,934 रन बनाए. उनका सर्वाधिक स्कोर नाबाद 115 है.

संन्यास के बाद साहा कोचिंग क्षेत्र से जुड़ गए हैं. वह बंगाल अंडर-23 पुरुष क्रिकेट टीम के मुख्य कोच हैं.

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पीएके

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