उरुग्वे को मिला भारत का पहला रेजिडेंट एंबेसडर, राजदूत बिनय जॉर्ज ने राष्ट्रपति को सौंपा परिचय पत्र

मोंटेवीडियो (उरुग्वे), 8 सितंबर . ओरिएंटल रिपब्लिक ऑफ उरुग्वे को India का पहला रेजिडेंट एंबेसडर मिल गया है. भव्य समारोह में बिनय बिनॉय जॉर्ज ने President यामान्डु ओर्सी को अपना परिचय पत्र सौंपा. Tuesday को समारोह की तस्वीरें और वीडियो President कार्यालय ने विभिन्न social media प्लेटफॉर्म से साझा की.

इंस्टाग्राम रील्स में बिनय जॉर्ज को अपने क्रेडेंशियल्स (लेटर ऑफ क्रेडेंस) सौंपते हुए देखा जा सकता है. इसके साथ ही उन्होंने पोस्ट में लिखा, “हमने उरुग्वे और India के रिश्तों में एक अहम कदम उठाया है. पहली बार, India के एक रेजिडेंट एंबेसडर हमारे देश में आए हैं. हमने बिनॉय जॉर्ज के क्रेडेंशियल्स स्वीकार किए और ऐसे रिश्तों का एक नया अध्याय शुरू किया जिनमें बहुत संभावनाएं हैं.”

उन्होंने आगे लिखा, “India दुनिया का सबसे ज्यादा आबादी वाला देश और एक बड़ी ग्लोबल इकोनॉमी है. उरुग्वे के पास व्यापार बढ़ाने, निवेश आकर्षित करने और सहयोग, ज्ञान के आदान-प्रदान और हमारे समाजों के बीच संबंधों को मजबूत करने के काफी मौके हैं.”

संभावनाओं के खुलते द्वार का जिक्र करते हुए आगे कहा, “दुनिया के साथ जुड़ने से हमारे प्रोडक्शन, हमारे बिजनेस और हमारे लोगों के लिए और ज़्यादा मौके बनते हैं. दरवाजे खोलना, भरोसा बनाना और देशों को एक-दूसरे के करीब लाना, उरुग्वे के विकास के लिए काम करने जैसा है. हम आगे बढ़ते रहेंगे.”

दक्षिण अमेरिका के दूसरे सबसे छोटे देश उरुग्वे की राजधानी मोंटेवीडियो में इसी साल India ने रेजिडेंट दूतावास खोला है. अगस्त 2026 में मोंटेवीडियो में भारतीय दूतावास ने अपना काम शुरू किया. इससे पहले अर्जेंटीना की राजधानी ब्यूनस आयर्स स्थित भारतीय दूतावास से ही उरुग्वे के कामकाज को संभाला जाता था. दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंध वर्ष 1948 (आधिकारिक मान्यता 1960) में स्थापित हुए थे.

बता दें कि लेटर ऑफ क्रेडेंस एक औपचारिक दस्तावेज होता है जो किसी भी राजनयिक की दूसरे संप्रभु राज्य में राजदूत या उच्चायुक्त नियुक्त होने की पहचान होता है. वो इसके जरिए अपना परिचय प्रस्तुत करते हैं. कूटनीतिक भाषा में इस कार्यक्रम को ही क्रेडेंशियल सेरेमनी कहा जाता है.

केआर/

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