
नोएडा, 9 सितंबर . ऑनलाइन राइड और डिलीवरी सेवा उपलब्ध कराने वाली कंपनी रैपिडो के एक डिलीवरी राइडर पर महिला को निजी नंबर पर आपत्तिजनक और निजी संदेश भेजकर परेशान करने का आरोप लगा है. आरोप है कि पार्सल पहुंचाने के बाद राइडर ने महिला के निजी मोबाइल नंबर पर पहले ‘हेलो, कैसी हो आप?’ का संदेश भेजा और इसके बाद सीधे ‘आई लव यू’ लिखकर मैसेज कर दिया.
महिला ने जब राइडर को दोबारा संपर्क नहीं करने की चेतावनी दी और Police से शिकायत करने की बात कही तो कथित तौर पर राइडर ने बेखौफ होकर जवाब दिया- ‘जाओ, रैपिडो से शिकायत कर दो.’ इस घटना के बाद महिला ने बातचीत के स्क्रीनशॉट social media पर साझा करते हुए कंपनी की सुरक्षा व्यवस्था और डिलीवरी पार्टनर्स की निगरानी को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं.
जानकारी के मुताबिक, नोएडा की रहने वाली एक युवती ने रैपिडो की पार्सल डिलीवरी सेवा के जरिए सामान मंगाया था. डिलीवरी राइडर पार्सल लेकर महिला के बताए पते पर पहुंचा और सामान सौंपने के बाद वहां से चला गया. इसके बाद महिला के निजी मोबाइल नंबर पर राइडर की ओर से संदेश आने शुरू हुए. महिला के अनुसार, पहले राइडर ने सामान्य बातचीत करने की कोशिश करते हुए ‘हेलो, कैसी हो आप?’ लिखा. इसके कुछ समय बाद उसने बिना किसी परिचय या सहमति के सीधे ‘आई लव यू’ का संदेश भेज दिया.
अचानक आए इस तरह के निजी संदेश से महिला असहज हो गईं. उन्होंने राइडर को स्पष्ट रूप से दोबारा मैसेज नहीं करने के लिए कहा. साथ ही चेतावनी दी कि यदि उसने उन्हें परेशान करना जारी रखा तो वह Police में शिकायत करेंगी. महिला के मुताबिक, उनकी चेतावनी का राइडर पर कोई असर नहीं हुआ. इसके बजाय उसने कथित तौर पर जवाब दिया कि ‘हां, कर दो… जाओ, रैपिडो से शिकायत कर दो.’ राइडर के इस कथित रवैये से महिला और अधिक नाराज हो गईं. घटना से नाराज महिला ने राइडर के साथ हुई बातचीत के स्क्रीनशॉट लिंक्डइन पर साझा किए.
पोस्ट के जरिए उन्होंने कंपनी की सुरक्षा व्यवस्था और डिलीवरी पार्टनर्स के व्यवहार की निगरानी पर सवाल खड़े किए. महिला ने सवाल उठाया कि ग्राहक का मोबाइल नंबर डिलीवरी पूरी होने के बाद किस तरह इस्तेमाल किया जा सकता है और कंपनी अपने डिलीवरी पार्टनर्स द्वारा ग्राहकों से किए जाने वाले निजी संपर्क को रोकने के लिए क्या व्यवस्था करती है. महिला ने यह भी सवाल किया कि अगर कोई डिलीवरी पार्टनर ग्राहक को निजी संदेश भेजता है और शिकायत की चेतावनी के बावजूद बेफिक्र नजर आता है, तो उसके खिलाफ कंपनी की ओर से किस तरह की कार्रवाई की जाती है.
उन्होंने डिलीवरी पार्टनर्स की भर्ती, वेरिफिकेशन और उनके व्यवहार की निगरानी की प्रक्रिया को लेकर भी जवाब मांगा. महिला ने अपनी social media पोस्ट में इस घटना को महिलाओं की सुरक्षा और निजता से जोड़ते हुए नाराजगी जताई. उनका कहना था कि किसी सेवा के लिए साझा किया गया मोबाइल नंबर केवल डिलीवरी या सेवा से संबंधित संपर्क के लिए इस्तेमाल होना चाहिए. यदि कोई डिलीवरी पूरी होने के बाद उसी नंबर पर निजी और अवांछित संदेश भेजता है, तो इससे ग्राहक की सुरक्षा और निजता को लेकर चिंता पैदा होना स्वाभाविक है.
महिला ने कंपनी से यह भी पूछा कि उसके प्लेटफॉर्म से जुड़े डिलीवरी पार्टनर्स को जोड़ने से पहले किस तरह का सत्यापन किया जाता है और ग्राहक की शिकायत मिलने के बाद संबंधित पार्टनर के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है. social media पर पोस्ट सामने आने के बाद मामला चर्चा में आ गया. महिला की पोस्ट सामने आने के बाद रैपिडो की ओर से मामले को लेकर माफी मांगी गई.
कंपनी ने महिला की चिंता को गंभीरता से लेने की बात कही. कंपनी के मुताबिक, ग्राहकों की सुरक्षा, गरिमा और सम्मान उसकी प्राथमिकता है. कंपनी ने संबंधित डिलीवरी एग्जीक्यूटिव के व्यवहार को लेकर उठाई गई चिंता पर संज्ञान लेने की बात भी कही है.
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पीकेटी/डीकेपी