
जम्मू, 17 सितंबर . भारत-Pakistan इंटरनेशनल बॉर्डर के पास रहने वाली महिलाओं ने एनआरएलएम ‘उम्मीद स्कीम’ के तहत अपने मैक्रैम हैंडीक्राफ्ट प्रोडक्ट को लेकर से बातचीत की और Prime Minister Narendra Modi को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं. उन्होंने बताया कि वे पिछले तीन सालों से इस स्कीम से जुड़ी हुई हैं और उन्हें गर्व है कि वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन पाई हैं और इस पहल के जरिए “लखपति दीदी” के तौर पर काम कर रही हैं.
उन्होंने Prime Minister मोदी का आभार जताते हुए कहा कि ऐसी स्कीमों ने बॉर्डर इलाकों की महिलाओं को रोजी-रोटी कमाने और अपनी कला दिखाने का मौका दिया है. महिलाओं ने Prime Minister Narendra Modi को जन्मदिन की बधाई भी दी और उम्मीद जताई कि भविष्य में भी ऐसी कल्याणकारी योजनाएं जारी रहेंगी, खासकर युवा पीढ़ी के लिए.
से बातचीत करते हुए ‘उम्मीद स्कीम’ को लेकर क्लस्टर कोऑर्डिनेटर प्रीति देवी ने कहा, “यह मेरे लिए अच्छा मौका है. मैं खुशनसीब हूं कि इस स्कीम के साथ जुड़ी हुई हूं. वर्ष 2018 में हम इस स्कीम के साथ जुड़े, इससे पहले हमारी कोई पहचान नहीं थी. आज हमको ‘लखपति दीदी’ के नाम से जाना जाता है. जिससे हमको खुशी होती है कि ‘उम्मीद स्कीम’ के साथ जुड़कर हमने अपनी अलग पहचान बनाई है. Prime Minister ने हम लोगों के लिए काफी अच्छी स्कीम लाई है. ग्रामीण महिलाओं को घर से बाहर आकर अपने हुनर को दिखाने के लिए और अच्छी स्कीम आनी चाहिए.
सदस्य पूनम जम्वाल ने कहा कि ‘उम्मीद स्कीम’ के माध्यम से आगे बढ़ने के लिए हम महिलाओं को एक अच्छा प्लेटफॉर्म मिला है. घर पर ही हम लोग काम कर लेते हैं. मैं खुद को सौभाग्यशाली मानती हूं, क्योंकि मैंने अपनी एक अलग पहचान बनाई है. घर पर जब मैं फ्री रहती हूं तो हैंडमेड प्रोडक्ट्स ही बनाती हूं. Prime Minister मोदी को जन्मदिन की बहुत मुबारकबाद. मेरा यही कहना है कि महिलाओं के लिए और अच्छी योजनाएं लाएं. जिससे महिलाएं आगे बढ़ें और उनको आय का स्रोत मिल सके.
सदस्य रिंकू देवी ने कहा कि ‘उम्मीद स्कीम’ आने की वजह से हम लोगों को लग रहा है कि हम लोग भी पढ़े-लिखे हैं और हमारा भी कुछ टैलेंट है, जिसे हम बाहर दिखा सकते हैं. Prime Minister Narendra Modi को जन्मदिन की शुभकामनाएं और बधाई देती हूं. जब से Prime Minister मोदी शासन में आए हैं, तब से यहां कोई गोला-बारूद नहीं चला है, पहले बहुत ज्यादा होता था. पहले हम लोगों ने डर के मारे घर भी नहीं बनाया था. अब हम लोगों ने घर बना लिया है और ठीक से रहते हैं. जब हमारे सामानों की बिक्री होती है तो खुशी होती है. पहले हमारे पास कुछ भी नहीं था, अब पैसा आता है तो लगता है कि और ज्यादा काम करूं.
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एसडी/पीएम