उद्धव ठाकरे के ‘सत्ता परिवर्तन’ वाले बयान पर भड़के भाजपा नेता, बोले- देश में अराजकता फैलाने की कोशिश

New Delhi, 18 अक्टूबर . शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे द्वारा वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण के ‘सत्ता परिवर्तन’ वाले बयान का समर्थन करने को लेकर नया Political विवाद खड़ा हो गया है. भाजपा ने इस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है. भाजपा के राज्यसभा सांसद तरुण चुघ और Mumbai के भाजपा नेता राम कदम ने उद्धव ठाकरे पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम कर अराजकता फैलाने की कोशिश कर रहा है.
उद्धव ठाकरे ने हाल ही में कहा था कि यदि केंद्र Government लोगों से वोट देने और विरोध प्रदर्शन करने का अधिकार छीन रही है, तो ऐसी Government को बदलने की जरूरत है.
दिल्ली में BJP MP तरुण चुघ ने उद्धव ठाकरे के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि ये विपक्ष की देश में अराजकता फैलाने की कोशिश है.
तरुण चुघ ने कहा, “राहुल गांधी, भ्रष्ट लोगों के एक समूह के साथ मिलकर, एक ‘विदेशी टूलकिट’ के इशारे पर देश की संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने का अभियान चला रहे हैं. कांग्रेस पार्टी, पीएम मोदी के नेतृत्व में India की बढ़ती वैश्विक साख और विकास को पचा नहीं पा रही है.”
उन्होंने आगे कहा, “नतीजतन, देश की संसद के कामकाज में बाधा डालने के निर्देश दिए जाते हैं. सदन में हंगामा किया जाता है और इसकी कार्यवाही को ठप करने की कोशिशें की जाती हैं. चुनाव आयोग को डराया-धमकाया जा रहा है, और अब तो देश की अदालतों पर भी आरोप लगाए जा रहे हैं. उनकी निष्पक्षता पर सवाल उठाए जा रहे हैं और तरह-तरह की मांगें रखी जा रही हैं.”
वहीं, Mumbai में भाजपा नेता राम कदम ने उद्धव ठाकरे पर सीधा हमला बोला. उन्होंने कहा कि उद्धव ठाकरे ‘मुंगेरीलाल’ बन गए हैं और दिल्ली की सत्ता पलटने के हसीन सपने देख रहे हैं.
राम कदम ने कहा, “उद्धव ठाकरे को दिल्ली की Government गिराने के बारे में तो बाद में सोचना चाहिए. उनकी अपनी पार्टी का तो पहले ही वजूद खत्म हो चुका है, उन्हें तो अपनी ही पार्टी की ज्यादा चिंता करनी चाहिए.”
भाजपा नेता ने उद्धव ठाकरे पर Maharashtra में अशांति फैलाने का आरोप भी लगाया. उन्होंने कहा, “बांग्लादेश जैसा, नेपाल जैसा खून-खराबा अब Maharashtra के छत्रपति शिवाजी महाराज की भूमि पर आप चाहते हो? यहां की शांति भंग करना चाहते हो?”
उन्होंने कहा, “चुनाव लड़ने की आपकी हिम्मत नहीं है. लड़ चुके हो, सारे चुनाव हार गए. अब नगर निगम तक नहीं जीत पाए तो यही हताशा और निराशा उनको अब इन विचारों पर ले आई है. जिस Maharashtra ने उन्हें सब कुछ दिया है, उस Maharashtra में खून-खराबा करना चाहते हैं, अराजकता फैलाना चाहते हैं.”
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पीआईएम/एबीएम


