उत्तर कोरिया ने नौसेना में शामिल किया युद्धपोत ‘कांग कोन’, किम बोले-दुश्मनों को घातक जवाब देने में है सक्षम

सोल, 7 सितंबर . उत्तर कोरिया ने अपने नए युद्धपोत ‘कांग कोन’ को आधिकारिक तौर पर नौसेना में शामिल कर लिया है. Governmentी मीडिया ने Monday को यह जानकारी दी. उत्तर कोरिया अपनी नौसैनिक ताकत को आधुनिक बनाने और परमाणु क्षमता वाले जहाजों के जरिए समुद्र में अपनी युद्ध तैयारी को मजबूत करने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है.

कोरियाई सेंट्रल न्यूज एजेंसी (केसीएनए) के हवाले से योनहाप की रिपोर्ट के अनुसार, नेता किम जोंग-उन ने एक दिन पहले पूर्वी बंदरगाह शहर वोनसन में आयोजित कमीशनिंग समारोह में हिस्सा लिया. वहां उन्होंने 5,000 टन वजनी इस नए विध्वंसक युद्धपोत (डिस्ट्रॉयर) को ‘मूल रूप से एक आक्रामक युद्धपोत’ बताया और कहा कि यह ‘देश की परमाणु जवाबी कार्रवाई प्रणाली’ का हिस्सा है.

उत्तर कोरिया की Governmentी समाचार एजेंसी केसीएनए के अनुसार, किम ने कहा, “नई पीढ़ी का यह डिस्ट्रॉयर देश की परमाणु जवाबी कार्रवाई प्रणाली का हिस्सा है और दुश्मनों को घातक जवाबी हमला देने में सक्षम होना चाहिए.”

किम ने इस बात पर जोर दिया कि समुद्री रक्षा और युद्ध को रोकने की क्षमता को और मजबूत बनाने के लिए देश की नौसेना को ‘परमाणु हथियारों से लैस बल’ के रूप में विकसित करना जरूरी है.

इसके अलावा, उत्तर कोरियाई नेता ने वादा किया कि उनका देश अपनी नौसैनिक ताकत का लगातार विस्तार करेगा और और भी अधिक शक्तिशाली रणनीतिक सैन्य संसाधन तैनात करेगा.

उन्होंने कहा, “हम अपनी नौसेना को मजबूत करने की एक महत्वपूर्ण योजना पर काम कर रहे हैं और आठ महीने बाद मैं पूरी दुनिया को इसका परिणाम दिखाऊंगा.” हालांकि, उन्होंने इसके बारे में ज्यादा जानकारी नहीं दी.

विश्लेषकों का मानना है कि यह योजना उत्तर कोरिया की परमाणु ऊर्जा से चलने वाली पनडुब्बियों के विकास से जुड़ी हो सकती है, जिसकी जानकारी पहली बार जनवरी 2021 में पार्टी की एक महत्वपूर्ण बैठक के दौरान सार्वजनिक की गई थी.

दिसंबर 2025 में उत्तर कोरियाई Governmentी मीडिया ने ऐसी तस्वीरें जारी की थीं, जिनमें किम एक निर्माणाधीन 8,700 टन क्षमता वाली परमाणु-संचालित पनडुब्बी का निरीक्षण करते नजर आए थे. उस समय उन्होंने दक्षिण कोरिया की ऐसी ही पनडुब्बी बनाने की योजना को सुरक्षा के लिए खतरा बताते हुए कहा था कि उसका मुकाबला किया जाना चाहिए.

केसीएनए के मुताबिक, ‘कांग कोन’ को उत्तर कोरियाई नौसेना के पूर्वी सागर बेड़े में शामिल किया जाएगा ताकि वह ‘परमाणु युद्ध रोकने वाली शक्ति’ के रूप में देश की समुद्री संप्रभुता की रक्षा कर सके.

Governmentी मीडिया की ओर से जारी तस्वीरों में किम जोंग-उन अपनी पत्नी री सोल-जू और बेटी जू-ए के साथ समारोह में दिखाई दिए.

कांग कोन को नौसेना में शामिल किए जाने की घोषणा उत्तर कोरिया के पहले 5,000 टन वाले डिस्ट्रॉयर चोए ह्योन के शामिल होने के तीन महीने से भी कम समय बाद हुई है. उत्तर कोरिया ने कहा था कि चोए ह्योन पश्चिमी समुद्री क्षेत्र की रक्षा और युद्ध को रोकने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाएगा.

एवाई/पीएम

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