उत्तर कोरिया ने दागी बैलिस्टिक मिसाइल, 700 किलोमीटर से ज्यादा दूरी तय कर समुद्र में गिरी

सोल, 3 अक्टूबर . उत्तर कोरिया ने Saturday को पूर्वी सागर की ओर एक बैलिस्टिक मिसाइल दागी. दक्षिण कोरिया की सेना ने इसकी जानकारी दी. यह मिसाइल ऐसे समय दागी गई है, जब दोनों देशों के बीच सीमा पर हाल ही में हुए बारूदी सुरंग विस्फोट को लेकर तनाव बढ़ा हुआ है. उस घटना में दक्षिण कोरिया के तीन सैनिक घायल हुए थे.

दक्षिण कोरिया के ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ (जेसीएस) ने बताया कि सुबह करीब 6:30 बजे वोनसान इलाके से मिसाइल लॉन्च किए जाने का पता चला. हालांकि, सेना ने यह नहीं बताया कि किस तरह की मिसाइल दागी गई थी.

जेसीएस के मुताबिक, मिसाइल ने समुद्र में गिरने से पहले 700 किलोमीटर से ज्यादा दूरी तय की.

दक्षिण कोरियाई सेना ने कहा कि वह अमेरिका के साथ मिलकर मिसाइल की सही क्षमता और दूसरी जानकारियों का पता लगा रही है. जेसीएस ने कहा कि दक्षिण कोरिया और अमेरिका की खुफिया एजेंसियां शुरुआती दौर से ही इस लॉन्च पर नजर रख रही थीं और दोनों पक्षों ने इससे जुड़ी जानकारी साझा की.

दक्षिण कोरियाई सेना ने कहा, “हमारी सेना दक्षिण कोरिया-अमेरिका की मजबूत साझा रक्षा व्यवस्था के तहत उत्तर कोरिया की अलग-अलग गतिविधियों पर करीब से नजर रख रही है. किसी भी उकसावे का निर्णायक जवाब देने के लिए हमारी तैयारी और क्षमता बरकरार है.”

दक्षिण कोरियाई सेना ने मिसाइल का प्रकार नहीं बताया है. हालांकि, रिपोर्ट्स के मुताबिक इसकी जांच इस संभावना को ध्यान में रखकर भी की जा रही है कि यह मीडियम रेंज बैलिस्टिक मिसाइल (एमआरबीएम) या इंटरमीडिएट रेंज बैलिस्टिक मिसाइल (आईआरबीएम) हो सकती है.

एक Governmentी सूत्र ने कहा, “इस बात की संभावना है कि उत्तर कोरिया ने कम दूरी के लिए सेट करके आईआरबीएम दागी हो.” सूत्र के मुताबिक, यह मिसाइल 12 अगस्त को लॉन्च की गई मिसाइल जैसी दिखाई देती है.

योनहाप समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, 12 अगस्त को भी उत्तर कोरिया ने वोनसान इलाके से पूर्वी सागर की ओर एक बैलिस्टिक मिसाइल दागी थी. माना गया था कि वह लॉन्च दक्षिण कोरिया और अमेरिका के सालाना ‘उल्ची फ्रीडम शील्ड’ सैन्य अभ्यास के विरोध में किया गया था.

उस समय भी सेना ने मिसाइल की सही जानकारी सार्वजनिक नहीं की थी. हालांकि, ऐसी अटकलें थीं कि उत्तर कोरिया ने कम दूरी के लिए सेट करके एमआरबीएम या आईआरबीएम का टेस्ट किया हो सकता है.

एमआरबीएम की सामान्य रेंज करीब 1,000 से 3,000 किलोमीटर, जबकि आईआरबीएम की रेंज करीब 3,000 से 5,500 किलोमीटर बताई गई है.

उत्तर कोरिया का यह ताजा मिसाइल लॉन्च ऐसे समय हुआ है, जब दोनों देशों के बीच तनाव पहले से बढ़ा हुआ है.

21 सितंबर को दोनों देशों को अलग करने वाले डिमिलिटराइज्ड जोन (डीएमजेड) में उत्तर कोरियाई बारूदी सुरंगों में विस्फोट की घटना सामने आई थी. इसमें दक्षिण कोरिया के तीन सैनिक घायल हो गए थे, जिनमें दो को गंभीर चोटें आईं.

दक्षिण कोरियाई सेना ने इस विस्फोट के लिए उत्तर कोरिया को जिम्मेदार ठहराया और युद्धविराम समझौते का ‘खुला उल्लंघन’ बताया. सोल ने प्योंगयांग से माफी मांगने और सीमा पर किलेबंदी से जुड़ा काम रोकने की मांग भी की. उत्तर कोरिया ने इन आरोपों को खारिज किया है.

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एवाई/एबीएम

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