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Sunday, 8 November 2026
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ई20 पेट्रोल विवाद पर बीपीसीएल और एचपीसीएल ने जारी किया स्पष्टीकरण, कहा- कर्नाटक में 26-31 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रण के दावे भ्रामक

ई20 पेट्रोल विवाद पर बीपीसीएल और एचपीसीएल ने जारी किया स्पष्टीकरण, कहा कर्नाटक में 26 31 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रण के दावे भ्रामक

ई20 पेट्रोल विवाद पर बीपीसीएल और एचपीसीएल ने जारी किया स्पष्टीकरण, कहा- कर्नाटक में 26-31 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रण के दावे भ्रामक

New Delhi, 7 नवंबर . ई20 पेट्रोल की गुणवत्ता को लेकर कर्नाटक में उठे सवालों के बीच सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों India पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) ने स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा है कि कुछ पेट्रोल पंपों पर ई20 पेट्रोल में 26 से 31 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रण होने के दावे निर्धारित परीक्षण मानकों पर आधारित नहीं हैं. कंपनियों ने कहा कि आधिकारिक जांच में ऐसे दावों की पुष्टि नहीं हुई है.

social media प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी बयान में बीपीसीएल ने कहा, “देश के 27 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से लिए गए 893 नमूनों की जांच की गई, जिनमें कर्नाटक के 56 नमूने भी शामिल थे. सभी नमूने निर्धारित 19 से 21 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रण की सीमा के अनुरूप पाए गए.”

कंपनी ने कहा कि उपभोक्ता केवल आधिकारिक और सत्यापित सूचनाओं पर ही भरोसा करें तथा अपुष्ट दावों से प्रभावित न हों.

बीपीसीएल ने यह भी स्पष्ट किया कि एथेनॉल मिश्रण की प्रक्रिया पूरी तरह स्वचालित और कैलिब्रेटेड होती है. रिफाइनरियों और डिपो में यह कार्य मशीनों के जरिए किया जाता है, न कि मैन्युअल रूप से. कंपनी ने बताया कि ईंधन को बाजार में भेजने से पहले उसकी गुणवत्ता की जांच की जाती है ताकि वह आईएस 17021 मानक के अनुरूप हो.

इस बीच, एचपीसीएल ने भी एक बयान जारी करते हुए कहा कि कर्नाटक के कुछ पेट्रोल पंपों पर 26-31 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रण की खबरें निर्धारित परीक्षण प्रक्रिया से प्रमाणित नहीं हैं. कंपनी ने दोहराया कि देशभर से लिए गए सभी 893 नमूने निर्धारित मानकों के अनुरूप पाए गए हैं.

एचपीसीएल ने कहा कि इंडियन ऑयल (आईओसीएल), बीपीसीएल और एचपीसीएल ने राज्य Government के साथ संयुक्त और पारदर्शी परीक्षण की मांग की है, ताकि इस मुद्दे पर स्वतंत्र और वैज्ञानिक रूप से सत्यापित आकलन किया जा सके.

कंपनियों का कहना है कि वे ईंधन की गुणवत्ता, नियामकीय अनुपालन और उपभोक्ता विश्वास के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं. उन्होंने आग्रह किया है कि उपभोक्ता केवल आधिकारिक स्रोतों से प्राप्त जानकारी पर ही भरोसा करें और social media या अन्य माध्यमों से प्रसारित अपुष्ट दावों से बचें.

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डीबीपी

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