
तेहरान, 15 सितंबर . ईरान के दक्षिणी तट के पास Monday रात दो मछली पकड़ने वाली नौकाओं पर ड्रोन हमला हुआ. ईरान की अर्ध-Governmentी समाचार एजेंसी मेहर के अनुसार, इस घटना के बाद से कई मछुआरे लापता हो गए हैं. यह हमला दक्षिणी बंदरगाह शहर कारगन के तट के पास और लारक द्वीप के आसपास हुआ.
होर्मोजगान प्रांत के Political और सुरक्षा मामलों के उप-गवर्नर अहमद नफीसी ने बताया कि लापता मछुआरों की तलाश के लिए खोज और बचाव अभियान शुरू कर दिया गया है.
उन्होंने कहा कि घटना की जांच चल रही है और जांच पूरी होने के बाद अधिक जानकारी साझा की जाएगी.
इसी बीच, इससे पहले ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) की नौसेना ने बताया था कि होर्मुज स्ट्रेट को पार करने की कोशिश कर रहा एक विशाल तेल टैंकर समुद्री बारूदी सुरंगों (नौसैनिक माइंस) से टकरा गया, जिसके बाद उसमें विस्फोट हो गया और आग लग गई.
आईआरजीसी के आधिकारिक समाचार मंच सेपाह न्यूज में जारी बयान के अनुसार, “एल गैया नाम के इस सुपर ऑयल टैंकर में लगी आग को बुझाने की कोशिश की गई, लेकिन प्रयास सफल नहीं हुए और पूरा जहाज आग की लपटों में घिर गया.
नौसेना ने कहा कि इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग के दक्षिणी हिस्से में मौजूद ‘प्रतिबंधित’ या ‘गैरकानूनी’ रास्ते का इस्तेमाल करने के खतरों को लेकर पहले ही चेतावनी दी गई थी.
बयान में दोहराया गया कि होर्मुज स्ट्रेट अभी भी बंद है और उस पर ईरानी नौसेना का नियंत्रण बना हुआ है.
होर्मुज स्ट्रेट में समुद्री यातायात की निगरानी करने वाली ईरान की पर्शियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी (पीजीएसए) ने बीमा कंपनियों और जहाजों का पंजीकरण व प्रमाणन करने वाली संस्थाओं को चेतावनी जारी की है.
पीजीएसए ने social media प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कहा कि जिन जहाजों को उसने अपनी अद्यतन सूची में ‘नियमों का उल्लंघन करने वाले जहाज’ बताया है, उन्हें किसी भी प्रकार की सेवा देने से बचा जाए.
प्राधिकरण ने कहा कि बीमा कंपनियां, प्रोटेक्शन एंड इंडेम्निटी क्लब और जहाजों का वर्गीकरण करने वाली संस्थाएं इन जहाजों को सेवाएं देने से परहेज करें, ताकि उनसे जुड़े संभावित परिणामों से बचा जा सके.
–
एवाई/एएस