ईरानी राष्ट्रपति पेजेश्कियन अगले सप्ताह जाएंगे रूस, पुतिन से होगी मुलाकात

New Delhi, 24 अक्टूबर . ईरान के President मसूद पेजेश्कियन अगले सप्ताह मास्को में होंगे. यहां रूस के President व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात करेंगे. ईरानी मीडिया ने Saturday को यह जानकारी दी. दोनों नेताओं के बीच आर्थिक सहयोग और भू-Political मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है.
ईरानी समाचार एजेंसी तस्नीम के अनुसार, पेजेश्कियन 27 अक्टूबर को ‘गैस एक्सपोर्टिंग कंट्रीज फोरम’ (जीईसीएफ) यानी गैस निर्यातक देशों के शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए रूस का दौरा करेंगे. एजेंसी ने रूस में ईरान के राजदूत काजेम जलाली के हवाले से बताया कि इस दौरान सदस्य देशों के राष्ट्राध्यक्ष एक दूसरे से मिलेंगे.
राजदूत ने कहा, ” ईरानी President मसूद पेजेश्कियान Tuesday को मास्को आएंगे. वे यहां जीईसीएफ सदस्य देशों के राष्ट्राध्यक्षों और Government प्रमुखों के 8वें शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे.” काजेम जलाली ने बताया कि President की यात्रा की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है.
जलाली के अनुसार, बैठक में आर्थिक सहयोग के साथ-साथ भू-Political मुद्दों पर भी चर्चा की जाएगी.
रूस और ईरान के बीच पिछले कुछ वर्षों में संबंध और मजबूत हुए हैं. फरवरी 2022 में यूक्रेन पर रूस के पूर्ण पैमाने पर सैन्य हमले के बाद दोनों देशों के बीच नजदीकी बढ़ी है. दोनों देश अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों का सामना कर रहे हैं और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं.
समाचार एजेंसी आईआरएनए ने बताया कि, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने Friday को संकेत दिया था कि अगले सप्ताह दोनों देशों के Presidentयों की मौजूदगी में बातचीत होगी. इससे पहले रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने इस सप्ताह ईरान का दौरा किया था. मध्य पूर्व संघर्ष शुरू होने के बाद यह उनकी पहली ईरान यात्रा थी.
इस दौरान अराघची ने कहा था कि रूस और ईरान के बीच सहयोग पहले से कहीं अधिक मजबूत है.
अक्टूबर की शुरुआत में पुतिन ने कहा था कि रूस युद्ध समाप्त कराने के प्रयासों में मध्यस्थता करने के लिए तैयार है. यह युद्ध फरवरी में अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद शुरू हुआ था.
वाशिंगटन और तेहरान के बीच बातचीत कई महीनों से रुकी हुई है. अमेरिका और इजरायल दोनों ने ईरान पर फिर से हमले शुरू करने की धमकी दी है. ऐसे में पुतिन और पेजेश्कियन की प्रस्तावित बैठक को क्षेत्रीय तनाव, संघर्ष समाप्त कराने के प्रयासों और रूस-ईरान संबंधों के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
–
केआर/


