
New Delhi, 4 सितंबर . Friday को जीएसएलवी-एफ 17 ने ईओएस-05 उपग्रह को निर्धारित कक्षा (ऑर्बिट) में पहुंचाकर अपना मिशन सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है. इसरो की इस सफलता को Prime Minister Narendra Modi ने गर्व का पल बताया है.
Prime Minister Narendra Modi ने social media प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर लिखा, “इसरो की एक और शानदार उपलब्धि और हमारे देश के लिए गर्व का पल. India के पहले इमेजिंग सैटेलाइट ईओएस-05 को जियोसिंक्रोनस ऑर्बिट में ले जाने वाले जीएसएलवी-एफ17 का सफल लॉन्च, India के स्पेस सेक्टर की उत्कृष्टता, इनोवेशन और बढ़ती क्षमताओं को दर्शाता है. इसरो और भारतीय इंडस्ट्री के बीच बढ़ती साझेदारी हमारे स्पेस प्रोग्राम को नई ताकत और विस्तार दे रही है, साथ ही पूरे स्पेस इकोसिस्टम में India की क्षमताओं को बढ़ा रही है.”
इसरो की ओर से social media प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट किया गया, “मिशन सफल! जीएसएलवी-एफ 17 ने ईओएस-05 को तय कक्षा में स्थापित करके अपना मिशन सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है.”
सफल लॉन्च के बाद इसरो प्रमुख डॉ. वी. नारायणन ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा, “मुझे यह बताते हुए बहुत खुशी हो रही है कि जीएसएलवी-एफ 17 व्हीकल ने एडवांस्ड अर्थ ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट ईओएस-05 (जियो इमेजिंग सैटेलाइट) को सफलतापूर्वक और सटीक रूप से उसकी निर्धारित कक्षा में स्थापित कर दिया है. यह श्रीहरिकोटा से 107वां लॉन्च और जीएसएलवी का 19वां मिशन है.”
इसरो प्रमुख ने आगे कहा, “जैसा कि आप जानते हैं, जीएसएलवी का पहला प्रक्षेपण जीएसएलवी-डी1 था, जिसमें 1,536 किलोग्राम का पेलोड ले जाया गया था. तब से हमने इसके स्ट्रक्चरल मास को ऑप्टिमाइज़ करके और प्रोपल्शन सिस्टम में सुधार करके इस व्हीकल की परफॉर्मेंस को धीरे-धीरे बेहतर बनाया है. आज, हमने इसी लॉन्च व्हीकल का इस्तेमाल करके 2,367 किलोग्राम वज़न वाले सबसे भारी सैटेलाइट को कक्षा में स्थापित किया है.”
डॉ. वी. नारायणन ने कहा, “इसे पूरी तरह से India Government स्थापित करेगी. हम लॉन्च पैड बनाएंगे, सब कुछ India Government ही बनाएगी. लेकिन अब इसे ऑपरेट करना है. इसे ऑपरेट करने के दो तरीके हैं. आप बहुत सारे स्थायी कर्मचारी रख सकते हैं और उन्हें इसे ऑपरेट करने के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं. दूसरा विकल्प यह है कि हम इसे प्राइवेट प्लेयर्स को सौंप दें और वे इसे ऑपरेट करें.”
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एसडी/एएस