‘इतिहास और संदर्भ को समझने की जरुरत’, स्वरा भास्कर पर शाजिया इल्मी का पलटवार

New Delhi, 2 सितंबर . भाजपा नेता शाजिया इल्मी ने Actress स्वरा की टिप्पणियों पर कहा कि ऐतिहासिक घटनाओं को आज के सामाजिक और Political संदर्भ से जोड़ने से पहले उनके तत्कालीन परिस्थितियों को समझना जरूरी है.

स्वरा की टिप्पणियों पर शाजिया इल्मी ने कहा कि अधूरा ज्ञान खतरनाक होता है. स्वरा ऐतिहासिक संदर्भों को पूरी तरह समझे बिना टिप्पणियां कर रही हैं. जौहर की ऐतिहासिक प्रथा को लेकर शाजिया इल्मी ने कहा कि इसे आधुनिक समय में यौन हिंसा से बचे लोगों के संदर्भ में देखना उचित नहीं है. उन्होंने मध्यकालीन इतिहास, युद्धों और उस दौर में महिलाओं को बंदी बनाए जाने तथा शोषण की ऐतिहासिक घटनाओं का उल्लेख किया. उन्होंने आईएसआईएस द्वारा यजीदी महिलाओं को बंदी बनाए जाने का उदाहरण देते हुए कहा कि अलग-अलग ऐतिहासिक कालखंडों में महिलाओं के साथ गंभीर अत्याचार हुए हैं.

उन्होंने कहा कि राजपूत महिलाओं के जौहर को उस समय की परिस्थितियों, सम्मान और युद्धकालीन सामाजिक संरचना के संदर्भ में समझना चाहिए. किसी ऐतिहासिक प्रथा को केवल आज के नजरिए से परिभाषित करना इतिहास की जटिलता को नजरअंदाज करना है. इल्मी ने स्वरा पर कथित तौर पर एक विशेष विचारधारा के चश्मे से भारतीय समाज की परंपराओं को देखने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि पितृसत्ता की आलोचना करने से पहले उसके ऐतिहासिक और सामाजिक संदर्भ को समझना आवश्यक है.

केरल के ग्रैंड मुफ्ती के महिलाओं को लेकर कथित बयान पर शाजिया इल्मी ने कहा कि ऐसी सोच India के संवैधानिक मूल्यों के अनुरूप नहीं है. उन्होंने कहा कि मुस्लिम देशों में बड़ी संख्या में महिलाएं विभिन्न क्षेत्रों और पेशों में काम कर रही हैं, इसलिए महिलाओं को सार्वजनिक जीवन से दूर रखने की सोच को सही नहीं ठहराया जा सकता. उन्होंने कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों से सवाल किया कि क्या वे ऐसे विचारों के समर्थन में देश के संविधान से समझौता कर सकते हैं. शाजिया ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी से भी इस मुद्दे पर स्पष्ट बयान देने की मांग की.

उन्होंने कहा कि केवल नारे लगाना पर्याप्त नहीं है. महिलाओं की स्वतंत्रता और समानता को लेकर स्पष्ट संवैधानिक दृष्टिकोण होना चाहिए. India में महिलाओं को सार्वजनिक जीवन से हटाने या उन्हें घर की चारदीवारी तक सीमित करने की कोई भी सोच स्वीकार्य नहीं होनी चाहिए. देश का संविधान महिलाओं को समान अधिकार देता है और किसी भी धार्मिक या Political विचारधारा को संवैधानिक व्यवस्था से ऊपर नहीं रखा जा सकता.

उत्तर प्रदेश के Chief Minister योगी आदित्यनाथ को आपत्तिजनक तरीके से दिखाने वाले एआई जनरेटेड वीडियो पर भी शाजिया इल्मी ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव को घेरा. उन्होंने कहा कि एआई तकनीक का इस्तेमाल रचनात्मक और सकारात्मक कार्यों के लिए किया जा सकता है, लेकिन किसी Political व्यक्ति की छवि को काल्पनिक और आपत्तिजनक तरीके से पेश करने के लिए इसका इस्तेमाल उचित नहीं है. उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव के पास योगी आदित्यनाथ के खिलाफ वास्तविक मुद्दों पर कहने के लिए पर्याप्त बातें नहीं हैं, इसलिए एआई के जरिए काल्पनिक वीडियो का सहारा लिया जा रहा है. उन्होंने इसे Political सोच और आचरण में गिरावट बताया.

पीएसके/एबीएम

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