इजरायल में 26वीं नेसेट के लिए मतदान, मतदाताओं ने शांति और लोकतंत्र पर जताया भरोसा

यरुशलम, 27 अक्टूबर . इजरायल में 26वीं नेसेट (संसद) के चुनाव के लिए Tuesday को मतदान के दौरान मतदाताओं ने शांति की उम्मीद जताई और देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था पर भरोसा व्यक्त किया. मतदाताओं ने इजरायल के भविष्य को लेकर भी विश्वास जताया. इस बीच, Prime Minister बेंजामिन नेतन्याहू ने अपनी पत्नी सारा नेतन्याहू के साथ यरुशलम के एक मतदान केंद्र पर वोट डाला और लोगों से मतदान करने की अपील की.
देशभर में लगभग 73 लाख पात्र मतदाता पंजीकृत हैं. चुनाव के लिए 12 हजार से अधिक मतदान केंद्र बनाए गए हैं. से बातचीत में एक स्थानीय निवासी ने कहा कि वे युद्ध बिल्कुल नहीं चाहते और इजरायल के साथ-साथ पूरी दुनिया में शांति चाहते हैं. उन्होंने कहा कि उन्होंने बेल्जियम की यात्रा भी की है, लेकिन उन्हें वह देश खास पसंद नहीं आया. उनके मुताबिक, इजरायल अपने आप में एक अच्छा देश है, जहां लोकतंत्र है, तानाशाही नहीं.
वहीं, मतदान करके लौट रही एक युवती ने इजरायल की ताकत पर भरोसा जताते हुए कहा कि उनका देश बहुत मजबूत है और उसे किसी की मदद की जरूरत नहीं है. उन्होंने कहा कि उन्होंने अपनी पसंद की टीम को वोट दिया है और उम्मीद है कि उनकी पसंद के योग्य महिला और पुरुष प्रतिनिधि नेसेट में पहुंचेंगे और देश का भविष्य बेहतर बनाने के लिए काम करेंगे.
एक अन्य स्थानीय निवासी ने लोगों से लोकतांत्रिक अधिकार का इस्तेमाल करने की अपील की. उन्होंने कहा कि 18 वर्ष से अधिक उम्र के सभी लोगों को मतदान करना चाहिए और अपनी पसंद के उम्मीदवार या दल के पक्ष में वोट डालना चाहिए. उन्होंने कहा कि चुनाव में अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी जरूरी है. एक अन्य मतदाता ने इस चुनाव को इजरायल के इतिहास का सबसे महत्वपूर्ण चुनाव बताते हुए कहा कि इसका देश के भविष्य के लिए विशेष महत्व है.
इजरायल के केंद्रीय चुनाव आयोग के महानिदेशक डीन लिवने ने चुनावी तैयारियों की जानकारी देते हुए बताया कि देश में 73 लाख पात्र मतदाताओं के लिए 12,018 नियमित मतदान केंद्र बनाए गए हैं. इसके अलावा अस्पतालों, जेलों और सेना सहित विशेष स्थानों पर 300 अतिरिक्त मतदान केंद्रों की व्यवस्था की गई है.
लिवने ने बताया कि चुनाव के लिए 45 करोड़ मतपत्र छापे गए हैं और देशभर में 12,335 अलग-अलग स्थानों पर चुनाव संबंधी व्यवस्थाएं की गई हैं. उन्होंने कहा कि चुनाव का बजट लगभग 70 करोड़ नई इजरायली शेकेल है, जो 15 करोड़ डॉलर से थोड़ा कम है. उन्होंने चुनावी तैयारियों को व्यापक बताते हुए कहा कि आयोग इन्हें शानदार तरीके से संपन्न कराएगा.
ये चुनाव 7 अक्टूबर 2023 को हमास के हमले के बाद देश में पहला चुनावी मुकाबला है. वर्ष 2022 के चुनाव के बाद से इजरायल के Political परिदृश्य और मतदाताओं की प्राथमिकताओं में महत्वपूर्ण बदलाव आए हैं. ऐसे में इस चुनाव को देश की राजनीति और भविष्य की दिशा के लिहाज से अहम माना जा रहा है.
–
डीएससी


