Skip to content
Monday, 26 October 2026
Hindi Daily Kiran India, Rajasthan, business, sports, tech और अन्य श्रेणियों की ताज़ा हिन्दी ख़बरें।
BREAKING
अंतरराष्ट्रीय

इजरायल के संसदीय चुनाव में नेतन्याहू का मुकाबला पूर्व आईडीएफ प्रमुख गादी आइसेनकोट से होगा

इजरायल के संसदीय चुनाव में नेतन्याहू का मुकाबला पूर्व आईडीएफ प्रमुख गादी आइसेनकोट से होगा

यरूशलेम, 26 अक्टूबर . इजरायल में Tuesday को होने वाले अहम संसदीय चुनाव से पहले मौजूदा Prime Minister बेंजामिन नेतन्याहू को कई प्रमुख नेताओं से कड़ी चुनौती मिल रही है. इनमें गादी आइसेनकोट, नफ्ताली बेनेट, यायर लापिड, एविग्डोर लिबरमैन और यायर गोलान शामिल हैं. स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, इस बार का चुनाव देश के भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

नेतन्याहू खुद को ऐसा नेता बता रहे हैं जो इजरायल की सुरक्षा और उसके अंतरराष्ट्रीय संबंधों को सबसे बेहतर तरीके से संभाल सकता है.

इजरायली मीडिया आउटलेट ‘आई24 न्यूज’ की रिपोर्ट के अनुसार, उनकी पार्टी लिकुड हमास, हिजबुल्लाह और ईरान के खिलाफ सैन्य अभियानों में मिली सफलताओं को चुनावी मुद्दा बना रही है. हालांकि आलोचकों का कहना है कि सात अक्टूबर के हमले ने उनकी Government के दौरान हुई गंभीर सुरक्षा चूक को उजागर कर दिया था.

इजरायली सेना (आईडीएफ) के पूर्व चीफ ऑफ स्टाफ गादी आइसेनकोट नेतन्याहू के प्रमुख प्रतिद्वंद्वी के रूप में उभरकर सामने आए हैं. उनकी नई पार्टी याशार सुरक्षा को प्राथमिकता देने के साथ-साथ जनता का भरोसा दोबारा जीतने और लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करने का वादा कर रही है.

पूर्व Prime Minister नफ्ताली बेनेट और यायर लापिड ने मिलकर बेयाखाद पार्टी के नाम से एक गठबंधन बनाया है, जो दक्षिणपंथी और मध्यमार्गी मतदाताओं को साथ लाने की कोशिश कर रहा है. उनके एजेंडे में राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करना, अल्ट्रा-ऑर्थोडॉक्स समुदाय के पुरुषों को सेना और कार्यबल में शामिल करना, रिजर्व सैनिकों का समर्थन करना और संवैधानिक ढांचे में सुधार करना शामिल है.

एविग्डोर लिबरमैन के नेतृत्व वाली ‘यिसराइल बेइतेनु’ पार्टी सख्त सुरक्षा नीतियों और धर्मनिरपेक्ष विचारों का समर्थन करती है. यह पार्टी पहले मुख्य रूप से पूर्व सोवियत संघ से आए प्रवासियों के बीच लोकप्रिय थी, लेकिन अब वह ऐसे व्यापक मतदाताओं तक पहुंचने की कोशिश कर रही है जो सभी नागरिकों के लिए अनिवार्य सैन्य सेवा और सार्वजनिक मामलों में धर्म के कम प्रभाव की मांग करते हैं.

‘आई24 न्यूज’ की रिपोर्ट के अनुसार, यायर गोलान की डेमोक्रेटिक पार्टी कब्जे (एनेक्सेशन) का विरोध करती है और इजरायल-फिलिस्तीन विवाद का कूटनीतिक समाधान चाहती है. पार्टी क्षेत्र के मध्यमार्गी साझेदार देशों के साथ सहयोग बढ़ाने का भी समर्थन करती है.

‘द यरूशलेम पोस्ट’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, सर्वेक्षणों में कांटे की टक्कर दिखने के बीच नेतन्याहू के विरोधी दल चुनाव के बाद संभावित Political समीकरणों पर भी विचार कर रहे हैं.

रिपोर्ट के मुताबिक, नेतन्याहू विरोधी खेमे में अल्पमत Government बनाने की संभावना पर चर्चा हो रही है. हालांकि एविग्डोर लिबरमैन और नफ्ताली बेनेट इस विचार का विरोध कर रहे हैं. साथ ही, कई दलों के बीच मौजूदा संसद अध्यक्ष अमीर ओहाना को हटाने को लेकर भी सहमति बनती दिख रही है, चाहे गठबंधन समझौता बाद में क्यों न हो.

अधिकांश सर्वेक्षणों में नेतन्याहू विरोधी खेमे को बढ़त मिलती दिखाई दे रही है लेकिन Political बदलाव चाहने वाले जियोनिस्ट दल अभी भी अपने मौजूदा समझौतों के आधार पर Government बनाने के लिए जरूरी बहुमत से पीछे हैं.

इजरायल के इतिहास के सबसे घातक हमले के लगभग तीन साल बाद देश के मतदाता मतदान की तैयारी कर रहे हैं. माना जा रहा है कि यह चुनाव सिर्फ बेंजामिन नेतन्याहू और उनके विरोधियों के Political भविष्य का फैसला नहीं करेगा बल्कि इजरायल की दिशा भी तय करेगा.

यह सात अक्टूबर 2023 को हमास के नेतृत्व में हुए नरसंहार के बाद पहला आम चुनाव होगा. चुनाव ऐसे समय में हो रहा है जब देश में हमले के लिए जिम्मेदारी तय करने, सैन्य सेवा के बोझ को बांटने और लोकतांत्रिक संस्थाओं तथा न्यायपालिका की स्वतंत्रता जैसे मुद्दों पर गहरी बहस चल रही है.

कई विश्लेषकों का मानना है कि इस चुनाव के नतीजे इजरायल की आंतरिक राजनीति के साथ-साथ उसके क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय संबंधों पर भी बड़ा असर डाल सकते हैं.

–

एवाई/पीएम

Share