जामिया में जल्द से जल्द कराए जाए छात्र संघ चुनाव: मलिक मोतासिम खान

हैदराबाद, 26 अक्टूबर . दिल्ली स्थित जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय में छात्र संघ चुनाव को लेकर जमात-ए-इस्लामी हिंद से जुड़े मलिक मोतासिम खान ने कहा कि जल्द से जल्द चुनाव होने चाहिए.
हैदराबाद में से बातचीत में उन्होंने छात्र संघ चुनाव की मांग कर रहे जामिया मिलिया इस्लामिया के छात्रों के प्रति समर्थन जताया है. उन्होंने मांग की है कि 15 दिनों के भीतर छात्र संघ के संविधान को मंजूरी दी जाए, उसके तुरंत बाद चुनाव कराए जाएं और विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा जारी ‘शो-कॉज’ नोटिस तथा की गई दंडात्मक कार्रवाई को वापस लिया जाए.
उन्होंने कहा कि जामिया मिल्लिया इस्लामिया एक बार फिर चर्चा में है. जामिया में लगभग 20 वर्षों से छात्र संघ चुनाव नहीं हुए हैं. दिल्ली में कई विश्वविद्यालय हैं, जिनमें दिल्ली विश्वविद्यालय और जेएनयू शामिल हैं, जहां नियमित रूप से छात्र संघ चुनाव होते हैं. अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में भी छात्र संघ चुनाव लगभग आठ वर्षों तक स्थगित रहे थे, लेकिन बड़े विरोध-प्रदर्शनों के बाद उन्हें बहाल करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है. आखिर छात्रों का क्या दोष है. जामिया मिलिया इस्लामिया के छात्रों ने क्या गलत किया है. वहां छात्र संघ चुनाव क्यों नहीं कराए जा रहे हैं.
उन्होंने आरोप लगाया कि Police की मदद हासिल कर छात्रों के भूख हड़ताल को खत्म करने की कोशिश की गई. कुछ विपक्षी सांसद छात्रों के समर्थन में आना चाहते थे, लेकिन उन्हें डिटेन किया गया.
दूसरी ओर, विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से कहा गया है कि जामिया छात्र संघ के संविधान को मंजूरी मिलने के 15 दिन बाद छात्र संघ चुनाव कराए जाएंगे. आंदोलन के दौरान छात्रों को दिए गए सभी निलंबन और शो-कॉज नोटिस को रद्द कर दिया गया है. यूनिवर्सिटी प्रशासन ने यह भी निर्णय लिया है कि विरोध प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा कर्मचारियों की कार्रवाई की जांच के लिए एक कमेटी बनाई जाएगी.
यह घोषणाएं छात्रों के पिछले 15 दिन से चले विरोध प्रदर्शन के बाद की गईं. छात्र, निर्वाचित छात्र संघ को फिर से बहाल करने की मांग कर रहे थे, जिसे विश्वविद्यालय प्रशासन ने 2006 में भंग कर दिया था.
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डीकेएम/वीसी


