
New Delhi, 30 सितंबर . भाजपा एमएलसी सीटी रवि ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कांग्रेस और विपक्षी दलों की ओर से लगाए जा रहे आरोपों, एसआईआर और वोटर लिस्ट को लेकर उठाए जा रहे सवालों पर प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि एसआईआर पहली बार नहीं हो रहा है और मतदाता सूची में मृत लोगों और फर्जी वोटों को हटाने की प्रक्रिया पर सवाल नहीं उठाया जाना चाहिए.
सीटी रवि ने विपक्ष से सवाल करते हुए कहा कि एसआईआर को पहले किसके कार्यकाल में लागू किया गया था. 1952 में भाजपा नहीं थी और 1952 से लेकर अब तक आठवीं बार एसआईआर की प्रक्रिया हो रही है. मृत लोगों के नाम हटाना और फर्जी वोटों को निकालना गलत नहीं है. कांग्रेस पर निशाना साधते हुए सीटी रवि ने आरोप लगाया कि विपक्ष चाहता है कि बांग्लादेशी और Pakistanी नागरिकों के वोट भी वोटर लिस्ट में बने रहें. उन्होंने सवाल किया कि क्या इस तरह वोटर लिस्ट को रखा जा सकता है.
वोटर लिस्ट में नाम हटने को लेकर उठ रहे सवालों पर भाजपा नेता ने कहा कि यह काम केवल ज्ञानेश कुमार का नहीं है. इसमें बूथ लेवल ऑफिसर यानी बीएलओ की भी भूमिका होती है. बीएलओ में करीब 90 प्रतिशत स्कूल शिक्षक होते हैं और अलग-अलग राज्यों के शिक्षक इस प्रक्रिया में शामिल रहते हैं. अगर किसी व्यक्ति का नाम वोटर लिस्ट से कट गया है तो वह दोबारा आवेदन कर सकता है और आपत्ति भी दर्ज करा सकता है. इसके बावजूद मुख्य चुनाव आयुक्त पर आरोप लगाए जा रहे हैं. यदि विपक्ष के पास आरोपों के समर्थन में सबूत हैं तो वह अदालत का रुख कर सकता है.
सीटी रवि ने ईवीएम को लेकर विपक्ष के पुराने आरोपों का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि जब विपक्ष चुनाव हारता है तो ईवीएम पर सवाल उठाए जाते हैं, जबकि जीत मिलने पर इसे जनादेश बताया जाता है. उन्होंने कांग्रेस के अलग-अलग राज्यों में चुनाव जीतने का हवाला देते हुए पूछा कि अगर ईवीएम हैक हो सकती है तो तेलंगाना, Himachal Pradesh, कर्नाटक और केरल में कांग्रेस कैसे जीती. उन्होंने तमिलनाडु में टीवीके की चुनावी सफलता का भी जिक्र किया. सीटी रवि ने विपक्ष से कहा कि आरोप लगाने के बजाय यदि उसके पास सबूत हैं तो उन्हें साबित किया जाना चाहिए और जरूरत हो तो अदालत में जाना चाहिए.
इंडिया गठबंधन की बैठक में डीएमके और आम आदमी पार्टी के शामिल नहीं होने के सवाल पर सीटी रवि ने कहा कि इसको लेकर अलग-अलग कयास लगाने के बजाय पहले यह समझना चाहिए कि इंडिया गठबंधन का आधार क्या है. यह गठबंधन केवल भाजपा विरोध के आधार पर बना है. सीटी रवि ने सवाल उठाया कि बिना स्पष्ट एजेंडा, नेता और नीति के यह गठबंधन आखिर कब तक चल सकता है. उन्होंने कहा कि गठबंधन के सामने नेतृत्व और नीति से जुड़े सवाल बने हुए हैं.
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पीएसके