Skip to content
Wednesday, 4 November 2026
Hindi Daily Kiran India, Rajasthan, business, sports, tech और अन्य श्रेणियों की ताज़ा हिन्दी ख़बरें।
BREAKING
अपराध,कानून,राष्ट्रीय

आरजी कर मेडिकल कॉलेज में करोड़ों की वित्तीय अनियमितता मामले में पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष से पूछताछ करेगी ईडी

आरजी कर मेडिकल कॉलेज में करोड़ों की वित्तीय अनियमितता मामले में पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष से पूछताछ करेगी ईडी

कोलकाता, 4 नवंबर . Enforcement Directorate (ईडी) ने Wednesday को कोलकाता के Governmentी आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष को करोड़ों रुपये की कथित वित्तीय अनियमितताओं के मामले में पूछताछ के लिए समन जारी किया है. घोष को Wednesday को कोलकाता के उत्तरी बाहरी इलाके साल्टलेक स्थित ईडी कार्यालय में पेश होने के लिए कहा गया था. हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार, एजेंसी ने उन्हें पेश होने के लिए कुछ अतिरिक्त समय दिया है.

मेडिकल कॉलेज में कथित अनियमितताओं की जांच Enforcement Directorate और केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) अलग-अलग कर रहे हैं. सीबीआई ने इस मामले में वर्ष 2024 में संदीप घोष को गिरफ्तार किया था. शुरुआत में उन्हें सीबीआई की हिरासत में रखा गया और बाद में न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया. वह कुछ समय तक न्यायिक हिरासत में रहे. इसके बाद Supreme Court ने 15 अक्टूबर 2026 को उन्हें जमानत दे दी थी.

ईडी के समन के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है. एजेंसी संस्थान से जुड़े वित्तीय लेनदेन की जांच के तहत घोष से पूछताछ करना चाहती है. आरजी कर मेडिकल कॉलेज में करोड़ों रुपये की कथित वित्तीय अनियमितताओं का मामला अगस्त 2024 में अस्पताल परिसर में एक जूनियर महिला डॉक्टर के साथ दुष्कर्म और हत्या की घटना के बाद सामने आया था. इस घटना ने देशभर में आक्रोश पैदा कर दिया था और व्यापक विरोध प्रदर्शन हुए थे.

आरोप लगाया गया था कि अस्पताल के बैंक खाते से Governmentी धन अवैध तरीके से संदीप घोष के करीबी प्रभावशाली विक्रेताओं और ठेकेदारों के खातों में स्थानांतरित किया गया. इन आरोपों के बाद सीबीआई की कोलकाता भ्रष्टाचार निरोधक शाखा ने 24 अगस्त 2024 को मामला दर्ज किया था और पूर्व प्रिंसिपल को गिरफ्तार किया था.

इसके बाद संदीप घोष ने जमानत के लिए कलकत्ता हाईकोर्ट का रुख किया था. हालांकि, न्यायमूर्ति तीर्थंकर घोष की एकल पीठ ने उनकी याचिका खारिज कर दी थी. अदालत ने टिप्पणी की थी कि Governmentी धन के कथित दुरुपयोग का सीधा असर आम लोगों को मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ा है. न्यायाधीश ने यह आशंका भी जताई थी कि घोष का Political और प्रशासनिक प्रभाव उनकी रिहाई की स्थिति में सबूतों से छेड़छाड़ और गवाहों को प्रभावित करने का जोखिम पैदा कर सकता है.

इसके बाद घोष ने Supreme Court में अपील की, जहां से उन्हें 15 अक्टूबर 2026 को जमानत मिल गई. अब ईडी की पूछताछ संस्थान से जुड़े वित्तीय लेनदेन की जांच का हिस्सा होगी.

–

डीएससी

Share