
Bhopal , 2 सितंबर . Madhya Pradesh की राजधानी Bhopal स्थित राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय को तीन हिस्सों में विभक्त किया गया है, साथ ही इन तीनों हिस्सों का क्षेत्रीय आधार पर नामकरण भी हो गया है. इस पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व Chief Minister कमलनाथ ने आपत्ति दर्ज कराई है और इसे भाजपा की ओछी मानसिकता करार दिया है.
दरअसल बीते रोज हुई मोहन कैबिनेट की बैठक में राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय को लेकर बड़ा फैसला हुआ. विश्वविद्यालय का पुनर्गठन कर Bhopal , उज्जैन और जबलपुर में तीन नए प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय स्थापित करने का निर्णय लिया गया है. Government की ओर से दावा किया गया है कि यह उच्च एवं तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में क्षेत्रीय संतुलन और गुणवत्ता विस्तार की दिशा में ऐतिहासिक कदम है.
Government के इस फैसले पर पूर्व Chief Minister कमलनाथ ने social media प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया में कहा है कि Madhya Pradesh के प्रतिष्ठित राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (आरजीपीवी) को तीन हिस्सों में बांटकर इसके नाम में से स्व. पूर्व Prime Minister राजीव गांधी का नाम हटाना भाजपा Government की ओछी मानसिकता का प्रतीक है.
उन्होंने आगे कहा कि सारा संसार इस बात का गवाह है कि स्व राजीव गांधी के कार्यकाल में देश ने आधुनिक तकनीक की दुनिया में प्रवेश किया था. सूचना क्रांति और कंप्यूटर के युग का सूत्रपात भी राजीव गांधी ने किया था.
भाजपा पर तल्ख टिप्पणी करते हुए पूर्व सीएम कमलनाथ ने कहा कि भाजपा खुद तो कोई नया काम कर नहीं पाती, बस कांग्रेस के जमाने के कार्यों की नाम पट्टिकाएं बदलने में लगी रहती है. उन्होंने भाजपा Government को नाकारा और शिक्षा विरोधी बताते हुए मांग की है कि विश्वविद्यालय से राजीव गांधी का नाम न हटाया जाए.
उन्होंने चेतावनी भरे अंदाज में कहा है कि यह भी याद दिलाना चाहता हूं कि कल के बाद परसों आता है. अच्छे और बुरे हर काम का हिसाब होता है. हम भी हिसाब करेंगे. आप नाम बदलकर इतिहास नहीं बदल सकते.
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एसएनपी/एसके