आयकर विभाग के पूर्व आयुक्त और सीआईएसएफ की पूर्व डीआईजी के खिलाफ एफआईआर, आय से अधिक संपत्ति का आरोप

New Delhi, 16 सितंबर . केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने आय से अधिक संपत्ति के कथित मामले में आयकर विभाग के पूर्व आयुक्त जीवनलाल लावड़िया और उनकी पत्नी, सीआईएसएफ की तत्कालीन डीआईजी शिप्रा श्रीवास्तव के खिलाफ First Information Report दर्ज की है. मामला कथित रूप से ज्ञात आय के स्रोतों से अधिक संपत्ति अर्जित करने से जुड़ा है.

सीबीआई की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा-III (एसीबी-III), New Delhi द्वारा 10 सितंबर को दर्ज First Information Report के अनुसार, भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) के 2004 बैच के अधिकारी जीवनलाल लावड़िया पर 1 अप्रैल 2022 से 10 मई 2025 के बीच अपने पद का दुरुपयोग कर अवैध रूप से संपत्ति अर्जित करने का आरोप है.

First Information Report में दावा किया गया है कि जांच अवधि के दौरान लावड़िया ने अपनी ज्ञात आय के स्रोतों की तुलना में 1,11,77,889 रुपए की कथित आय से अधिक संपत्ति अर्जित की. यह राशि उनकी ज्ञात आय के मुकाबले लगभग 57.10 प्रतिशत अधिक बताई गई है.

सीबीआई के अनुसार, शिप्रा श्रीवास्तव पर भी अपने पति को कथित आय से अधिक संपत्ति जुटाने में सहयोग करने का आरोप लगाया गया है.

First Information Report में उल्लेख किया गया है कि जीवनलाल लावड़िया हैदराबाद में कमिश्नर ऑफ इनकम टैक्स (एग्जेम्प्शंस) के पद पर तैनात थे. इसके अलावा उनके पास कमिश्नर ऑफ इनकम टैक्स (अपील)- यूनिट 7 और यूनिट 8 का अतिरिक्त प्रभार भी था.

सीबीआई ने बताया कि 9 मई 2025 को लावड़िया और अन्य लोगों के खिलाफ एक अलग मामला भी दर्ज किया गया था. उस मामले में उन पर करदाताओं के पक्ष में अपीलों का निपटारा करने के बदले कथित अनुचित लाभ लेने के आरोप लगाए गए थे.

First Information Report के अनुसार, 9 मई 2025 को जीवनलाल लावड़िया और शिप्रा श्रीवास्तव के आवास समेत कई स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया गया था. इस दौरान चल और अचल संपत्तियों से संबंधित कई दस्तावेज बरामद किए गए, जो कथित तौर पर उनके और उनके परिवार के सदस्यों के नाम पर खरीदी गई थीं.

सीबीआई का दावा है कि दिल्ली स्थित आवास से कुछ हस्तलिखित दस्तावेज और संपत्तियों के ब्योरे वाली शीट्स भी मिलीं. इसके अलावा लगभग 54 लाख रुपए नकद से संबंधित विवरण भी बरामद होने का उल्लेख First Information Report में किया गया है.

जांच एजेंसी के अनुसार, जांच अवधि के दौरान लावड़िया और उनके परिवार की कुल संपत्ति एवं खर्च 3,07,52,247 रुपए पाए गए, जबकि इस अवधि में उनकी कुल आय 1,95,74,358 रुपए बताई गई. इसी आधार पर सीबीआई ने 1,11,77,889 रुपए की कथित आय से अधिक संपत्ति का अनुमान लगाया है.

First Information Report में यह भी कहा गया है कि जांच अवधि समाप्त होने तक लावड़िया और उनके परिवार की कुल संपत्तियों का मूल्य लगभग 4,31,60,820 रुपए था.

सीबीआई ने जीवनलाल लावड़िया के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 13(2) और 13(1)(बी) के तहत मामला दर्ज किया है. वहीं शिप्रा श्रीवास्तव के खिलाफ इसी अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत सहयोगी की भूमिका को लेकर केस दर्ज किया गया है.

मामले की जांच सीबीआई के इंस्पेक्टर नवीन कुमार को सौंपी गई है. एजेंसी अब कथित संपत्तियों, वित्तीय लेनदेन और दस्तावेजों की विस्तार से जांच कर रही है.

एएमटी/डीकेपी

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