आज के छात्र ही कल के लोकतंत्र के मशालवाहक हैं : सीईसी ज्ञानेश कुमार

Ahmedabad, 11 सितंबर . मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार ने कहा कि आज के छात्र कल के लोकतंत्र के मशालवाहक हैं और देशभर में स्थापित किए जा रहे इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब (ईएलसी) लोकतंत्र को और मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे.

भारतीय चुनाव आयोग (ईसीआई) ने Friday को Ahmedabad में ‘इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब और ईसीआईनेट’ विषय पर अपना पांचवां क्षेत्रीय सम्मेलन आयोजित किया. इस सम्मेलन का उद्देश्य युवाओं में चुनावी साक्षरता और लोकतांत्रिक जागरूकता को बढ़ावा देना था.

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि छात्र देश का भविष्य हैं और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं की समझ विकसित करने तथा लोकतंत्र को समृद्ध बनाने में इलेक्टोरल लिटरेसी क्लबों की अहम भूमिका है. उन्होंने कहा कि युवाओं को चुनावी प्रक्रिया से जोड़ना, उनका विश्वास हासिल करना और उनकी जागरूक भागीदारी सुनिश्चित करना लोकतंत्र के भविष्य में निवेश के समान है.

उन्होंने छात्रों और युवा मतदाताओं से India की चुनावी व्यवस्था, लोकतांत्रिक मूल्यों, मतदाता पंजीकरण, मतदान और मतगणना प्रक्रिया के साथ-साथ चुनाव आयोग की भूमिका और कार्यप्रणाली को समझने का आह्वान किया. मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि India में चुनाव संविधान, कानून और चुनाव आयोग के निर्देशों के अनुसार पूरी पारदर्शिता के साथ कराए जाते हैं. चुनाव प्रक्रिया के प्रत्येक चरण में Political दलों, उम्मीदवारों और उनके प्रतिनिधियों की निगरानी एवं सहभागिता सुनिश्चित की जाती है.

उन्होंने बताया कि ईएलसी 2.0 को ‘लर्न डेमोक्रेसी, लीड डेमोक्रेसी’ टैगलाइन के साथ शुरू किया गया है. इसका उद्देश्य स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में चुनावी साक्षरता क्लबों को अधिक संगठित, दृश्य और डिजिटल मंच के रूप में विकसित करना है, ताकि युवा और पहली बार मतदान करने वाले मतदाता लोकतंत्र को बेहतर ढंग से समझ सकें और उसमें सार्थक भागीदारी कर सकें.

उन्होंने कहा कि ईसीआईनेट डिजिटल प्लेटफॉर्म से चुनाव से जुड़ी विभिन्न सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं. इसके जरिए पूरे वर्ष चुनावी जागरूकता गतिविधियां संचालित की जाएंगी और देशभर के इलेक्टोरल लिटरेसी क्लबों का एक व्यापक नेटवर्क तैयार किया जाएगा. India में लगभग 15 लाख स्कूल, करीब 25 करोड़ छात्र और एक करोड़ से अधिक शिक्षक हैं. उच्च शिक्षा क्षेत्र में लगभग 1,500 विश्वविद्यालय और 70,000 शैक्षणिक संस्थान हैं, जिनमें करीब 4.33 करोड़ विद्यार्थी अध्ययनरत हैं. ऐसे व्यापक शैक्षणिक नेटवर्क के माध्यम से चुनावी शिक्षा को प्रभावी ढंग से बढ़ावा दिया जा सकता है.

उन्होंने कहा कि ईएलसी 2.0 का उद्देश्य युवाओं को तथ्यपरक और व्यावहारिक चुनावी शिक्षा प्रदान करना, भारतीय चुनाव प्रणाली के प्रति जागरूकता बढ़ाना और उन्हें लोकतांत्रिक भागीदारी का दूत बनाना है. इसके तहत मतदाता पंजीकरण, मतदान, मतगणना, ईसीआईनेट ऐप और चुनाव आयोग की अन्य पहलों की जानकारी भी दी जाएगी.

इससे पहले ज्ञानेश कुमार ने Gujarat के 500 से अधिक बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) के साथ संवाद किया और राज्य में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए उन्हें बधाई दी.

एएमटी/एबीएम

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