‘असहमति की आवाज को दबाने कोशिश,’ शिक्षकों पर सीएम सुवेंदु के बयान पर सौगत रॉय का पलटवार

कोलकाता, 29 अक्टूबर . तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ सांसद सौगत रॉय ने पश्चिम बंगाल के सीएम सुवेंदु अधिकारी के उस बयान पर पलटवार किया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि हाल ही में नियुक्त स्कूली शिक्षक राजनीति में हिस्सा नहीं ले सकते हैं. सौगत रॉय ने कहा कि यह लोकतंत्र के खिलाफ है और असहमति की आवाज को दबाने की एक कोशिश है.
सौगत रॉय का कहना है कि शिक्षक समाज का एक जागरूक हिस्सा है और उन्हें Political प्रक्रिया से अलग करना अलोकतांत्रिक है. उन्होंने उम्मीद जताई कि पूरा शिक्षक समुदाय इस फैसले का एकजुट होकर विरोध करेगा.
यूनेस्को टैग विवाद को लेकर पूर्व पर्यटन मंत्री इंद्रनील सेन की गिरफ्तारी पर प्रतिक्रिया देते हुए टीएमसी सांसद ने कहा, “मुझे इस मामले की पूरी जानकारी नहीं है कि अंदर की कहानी क्या है, लेकिन यह साफ दिख रहा है कि भाजपा Government एक के बाद एक तृणमूल कांग्रेस के नेताओं के खिलाफ कार्रवाई कर रही है.”
रॉय ने इस कार्रवाई को बदले की भावना से प्रेरित बताते हुए कहा कि यह पूरी तरह से Political प्रतिशोध है और वह इसकी कड़ी निंदा करते हैं.
वहीं, सुवेंदु अधिकारी द्वारा इस मामले में ममता बनर्जी को फायदा पहुंचाने के आरोप पर पलटवार करते हुए सौगत रॉय ने कहा, “Chief Minister सुवेंदु अधिकारी क्या बोलते हैं, उसका कोई ठिकाना नहीं है. अगर कोई इस मामले में शामिल है तो कानून के तहत कदम उठाया जाए, लेकिन इस तरह के अनावश्यक बयान देने की क्या जरूरत है?”
इंडिया गठबंधन की प्रस्तावित रैली में ममता बनर्जी की भागीदारी को लेकर पूछे गए सवाल पर सौगत रॉय ने स्पष्ट किया कि तृणमूल प्रमुख सक्रिय हैं. उन्होंने कहा, “जहां तक मुझे जानकारी है, ममता बनर्जी 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली विरोध रैली में शामिल होंगी.”
Actor नसीरुद्दीन शाह को लेकर Union Minister किरेन रिजिजू की ‘दिमागी Naxalite’ वाली टिप्पणी पर भी सौगत रॉय ने प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा, “किरेन रिजिजू जो बोलते हैं, वह फर्जी बात है. नसीरुद्दीन शाह बहुत बड़े और सम्मानित Actor हैं. उन्होंने अपनी अनुभूति को व्यक्त किया है. भाजपा को इस तरह की स्वतंत्र अभिव्यक्ति पसंद नहीं आती, इसलिए वह ऐसे मुद्दे उठाते हैं.”
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पीआईएम/एबीएम


