असम: नगांव उपचुनाव में जीत के बाद सीएम हिमंत बिस्वा सरमा का कांग्रेस पर निशाना

गुवाहाटी, 9 अक्टूबर . असम के Chief Minister हिमंत बिस्वा सरमा ने नगांव Lok Sabha उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की जीत के बाद Friday को कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों पर निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष जनता के बीच जाने के बजाय चुनाव आयोग को निशाना बना रहा है.

गुवाहाटी में पत्रकारों से बातचीत करते हुए सीएम ने चुनाव आयोग की आलोचना को लेकर विपक्ष पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि असम में मतदाता सूची और कथित अवैध घुसपैठ जैसे मुद्दों को नजरअंदाज किया जा रहा है.

सीएम सरमा ने कहा कि जब भी भाजपा कोई चुनाव जीतती है, विपक्ष चुनाव आयोग को निशाना बनाना शुरू कर देता है. उन्होंने विपक्षी दलों से कहा कि वे शोर-शराबा करने के बजाय लोगों के बीच जाएं और उनके लिए काम करें.

Chief Minister ने कथित अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों का मुद्दा भी उठाया. उन्होंने सवाल किया कि क्या चुनाव आयोग की जिम्मेदारी मतदाता सूची से अयोग्य लोगों के नाम हटाना नहीं है.

उन्होंने कहा, “कल हमने गुवाहाटी में करीब 100 बांग्लादेशियों को पकड़ा. यदि किसी कारण से वे Police की पकड़ में नहीं आते, तो छह महीने बाद उनके नाम मतदाता सूची में शामिल हो सकते हैं.”

सीएम सरमा ने कहा कि चुनाव आयोग की जिम्मेदारी केवल योग्य मतदाताओं के नाम जोड़ने तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि कानून के अनुसार अयोग्य लोगों के नाम हटाने की भी जिम्मेदारी उसी की है.

उन्होंने कहा, “यदि नाम जोड़ना चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है, तो नाम हटाना भी उसकी जिम्मेदारी है.”

Chief Minister ने विपक्षी नेताओं की उस रणनीति की भी आलोचना की, जिसके तहत वे लोगों को प्रदर्शन के लिए दिल्ली ले जा रहे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे प्रदर्शन अधिकारियों पर दबाव बनाने के लिए किए जा रहे हैं.

सीएम सरमा ने विपक्षी नेताओं से असम आने और राज्य के लोगों की समस्याओं को देखने की अपील की. उनका कहना था कि कथित अवैध घुसपैठ का मुद्दा असम के लोगों के लिए गंभीर चिंता का विषय है.

उन्होंने कहा, “दिल्ली में अपनी ताकत दिखाने से पहले असम आइए और यहां के लोगों का दर्द और पीड़ा देखिए. तब आपको देश की वास्तविक स्थिति समझ में आएगी.”

सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने यह भी दावा किया कि पिछले एक वर्ष में असम से कई ऐसे लोगों को वापस भेजा गया है, जो कथित रूप से बांग्लादेश से अवैध रूप से राज्य में दाखिल हुए थे. हालांकि उन्होंने यह भी माना कि अधिकारियों को ऐसे मामलों का केवल एक हिस्सा ही पकड़ में आ पाता है.

नगांव उपचुनाव का परिणाम इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि इस क्षेत्र में अल्पसंख्यक मतदाताओं की बड़ी संख्या है और पिछले दो Lok Sabha चुनावों में यहां कांग्रेस को जीत मिली थी.

सीएम सरमा की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब मतदाता सूचियों, कथित अवैध घुसपैठ और मतदाता सूची के रखरखाव में चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर Political विवाद जारी है.

भारतीय चुनाव कानून के अनुसार, मतदाता पंजीकरण प्राधिकरणों की जिम्मेदारी यह सुनिश्चित करना है कि मतदाता सूची कानूनी पात्रता मानकों, जिसमें नागरिकता संबंधी शर्तें भी शामिल हैं, के अनुरूप हो.

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एएमटी/डीकेपी

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