अयोध्या में 80 जर्जर इमारतों को नोटिस, नगर निगम ने शुरू की कार्रवाई

अयोध्या, 12 सितंबर . अयोध्या नगर निगम ने शहर की 80 जर्जर इमारतों को नोटिस जारी किया है. यह फैसला दिल्ली के सत्य निकेतन हादसे में पांच छात्रों समेत सात लोगों की मौत के कुछ दिनों बाद लिया गया.

नगर आयुक्त जयेद्र कुमार ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, “मुख्य अभियंता ने अयोध्या में 80 जर्जर इमारतों की पहचान की है और उन्हें नोटिस जारी किए हैं, जो अब रहने के लिए सुरक्षित नहीं हैं.”

उन्होंने कहा, “इनमें से जो इमारतें खाली हैं, उन्हें सील किया जा रहा है, जबकि अन्य इमारतों में रहने वाले लोगों से सुरक्षा कारणों से बाहर निकलने और जहां संभव हो वहां मरम्मत का काम करवाने के लिए कहा जा रहा है.”

उन्होंने कहा कि जिन इमारतों की मरम्मत नहीं हो सकती, वहां रहने वाले लोगों से दूसरी जगह जाने के लिए कहा जा रहा है.

शहर में ऐसी इमारतों को गिराने के बारे में पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए जयेद्र कुमार ने कहा, “कानून के प्रावधानों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी.”

इस बीच, राजधानी के सत्य निकेतन इलाके में 6 सितंबर को इमारत गिरने की घटना के बाद, साउथ कैंपस Police स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं 105, 290 और 125 (ए) के तहत अज्ञात आरोपियों के खिलाफ First Information Report दर्ज की गई थी.

बाद में जांच के दौरान इमारत के मालिक उर्मिला गुप्ता, हरि राम गुप्ता और महेश गुप्ता उर्फ ​​संजय, ठेकेदार सनोज और पीजी संचालक सुधांशु लोवनीश कुमार को गिरफ्तार किया गया.

मामले में गिरफ्तारी से बच रहे वकील शुभम त्यागी ने Friday को पटियाला हाउस कोर्ट के सामने सरेंडर कर दिया. कोर्ट ने एक दिन पहले ही उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी.

दिल्ली Police ने त्यागी और सह-आरोपी सुधांशु लोवनीश कुमार से दो दिन की कस्टडी में पूछताछ की मांग की. यह घटनाक्रम तब हुआ जब पटियाला हाउस कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सौरभ प्रताप सिंह लालर ने Thursday को त्यागी की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी.

एएसएच/एबीएम

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