अमेरिकी नेताओं से मिले विदेश सचिव विक्रम मिस्री, एसआरआईए कानून पर हुई चर्चा

न्यूयॉर्क, 27 सितंबर . India के विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने Sunday को अमेरिकी सांसदों के एक प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की. इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व अमेरिकी हाउस फॉरेन अफेयर्स कमेटी के अध्यक्ष ब्रायन मास्ट कर रहे थे. बैठक में भारत-अमेरिका संबंधों, हाल ही में लागू रूस और ईरान प्रतिबंध कानून (एसआरआईए) और दोनों देशों के भविष्य के रिश्तों पर चर्चा हुई.

विदेश मंत्रालय (एमईए) ने कहा, “चर्चा में भारत-अमेरिका संबंधों के सभी पहलुओं को शामिल किया गया, जिसमें हाल ही में लागू एसआरआईए कानून और संबंधों की भविष्य की दिशा शामिल है. उन्होंने आपसी चिंता के अंतरराष्ट्रीय मुद्दों, ऊर्जा सुरक्षा, आतंकवाद-रोधी और नेविगेशन की स्वतंत्रता पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया.”

इससे पहले विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने न्यूयॉर्क में अमेरिकी Political मामलों की अंडर सेक्रेटरी एलिसन हूकर से भी मुलाकात की. दोनों नेताओं ने ऊर्जा सुरक्षा, नागरिक परमाणु सहयोग, ट्रस्ट पहल और हिंद महासागर से जुड़े सहयोग पर चर्चा की. बैठक में अमेरिका में India के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा और अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे.

मिस्री ने न्यूयॉर्क में अमेरिका के आर्थिक मामलों के अवर सचिव जैकब हेलबर्ग से भी मुलाकात की. बैठक के दौरान दोनों पक्ष India और अमेरिका के बीच महत्वपूर्ण और उभरती प्रौद्योगिकियों में सहयोग को आगे बढ़ाने पर सहमत हुए.

विदेश मंत्रालय ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, “विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने न्यूयॉर्क में अमेरिका के आर्थिक मामलों के अंडर सेक्रेटरी जैकब हेलबर्ग से मुलाकात की. दोनों पक्ष पैक्स सिलिका पहल सहित महत्वपूर्ण और उभरती प्रौद्योगिकियों में भारत-अमेरिका सहयोग को और आगे बढ़ाने और सेमीकंडक्टर और महत्वपूर्ण खनिजों में सहयोग के माध्यम से आपूर्ति शृंखला में मजबूती लाने पर सहमत हुए.”

इससे पहले Wednesday को अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो और विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने न्यूयॉर्क में हुई बैठक के दौरान रूस और ईरान के साथ व्यापार करने वाले देशों पर संभावित प्रतिबंधों पर चर्चा की थी. विदेश विभाग ने कहा कि वार्ता में ऊर्जा सुरक्षा, मध्य पूर्व के घटनाक्रम और अमेरिका-India रणनीतिक साझेदारी पर भी चर्चा हुई. रुबियो ने कहा कि अमेरिका क्षेत्रीय साझेदारों की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में मदद करने के लिए अच्छी स्थिति में है.

विदेश विभाग ने कहा, “दोनों ने उन प्रतिबंधों पर भी चर्चा की जो रूस और ईरान के साथ आर्थिक रूप से जुड़ने वाले देशों पर लगाए जा सकते हैं.” बयान में यह नहीं बताया गया कि किन देशों पर प्रतिबंध लग सकते हैं या किन आर्थिक गतिविधियों पर चर्चा हुई. इसमें प्रतिबंधों से जुड़े किसी फैसले की घोषणा भी नहीं की गई और न ही इस मुद्दे पर विदेश मंत्री जयशंकर की प्रतिक्रिया का जिक्र किया गया.

विदेश मंत्रालय ने कहा, “विदेश मंत्री ने जोर दिया कि अमेरिका क्षेत्रीय साझेदारों की ऊर्जा सुरक्षा चुनौतियों से निपटने में मदद करने के लिए अच्छी स्थिति में बना हुआ है.”

मार्को रुबियो और विदेश मंत्री जयशंकर ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग के महत्व को भी दोहराया. दोनों मंत्रियों ने मध्य पूर्व और उससे आगे के घटनाक्रमों पर विचारों का आदान-प्रदान किया. विभाग ने यह नहीं बताया कि किन विशिष्ट संघर्षों या राजनयिक प्रस्तावों पर चर्चा हुई.

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने एक्स पर लिखा कि उन्होंने एसआरआईए पर India का रुख दोहराया. उन्होंने लिखा, “यूएन हाई लेवल वीक के दौरान अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो से मिलना अच्छा रहा. एसआरआईए को लेकर India के हितों और चिंताओं को दोहराया. साथ ही खाड़ी और यूक्रेन की स्थिति पर भी चर्चा की.”

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केके/वीसी

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