
सोल, 13 अक्टूबर . दक्षिण कोरिया के President ली जे म्युंग ने Tuesday को अमेरिका के साथ अपने देश के गठबंधन को बेहद अहम बताते हुए कहा कि कूटनीति में किसी भी तरह के दब्बूपन या दूसरे देश के सामने झुकने की नीति से बचना चाहिए. उन्होंने कहा कि दक्षिण कोरिया की विदेश नीति का मूल सिद्धांत व्यावहारिकता है और राष्ट्रीय हितों की रक्षा सबसे महत्वपूर्ण है.
योनहाप समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, President ली ने कैबिनेट की बैठक में ये टिप्पणियां ऐसे समय कीं, जब सोल और वाशिंगटन के बीच संबंधों में तनाव की खबरें सामने आ रही हैं. अमेरिका की ओर से दक्षिण कोरिया के साथ खुफिया जानकारी साझा करने को लेकर कुछ अनबन की खबरें चर्चा में हैं.
ली ने कहा, “कूटनीति ऐसी होनी चाहिए, जिससे दक्षिण कोरिया की गरिमा बनी रहे और उसके राष्ट्रीय हितों की रक्षा हो. किसी भी परिस्थिति में दूसरे देश के सामने अनावश्यक रूप से झुकने या दब्बू रुख अपनाने से बचना चाहिए.”
उन्होंने कहा, “दक्षिण कोरिया की कूटनीति का सिद्धांत व्यावहारिकता है. देश के लिए सबसे महत्वपूर्ण उसके राष्ट्रीय हित हैं.”
हालांकि, President ने अमेरिका के साथ गठबंधन के महत्व को भी रेखांकित किया. उन्होंने कहा कि दक्षिण कोरिया-अमेरिका गठबंधन बेहद महत्वपूर्ण है और यह देश की कूटनीति का प्रमुख आधार है. इस गठबंधन को आगे और मजबूत करने की जरूरत है.
ली ने कहा, ” देशों के बीच मतभेद होना स्वाभाविक है. ऐसे मतभेदों को लगातार चर्चा, बातचीत और समन्वय के जरिए सुलझाया जाना चाहिए. मतभेदों को इस स्तर तक सीमित रखा जाना चाहिए, जहां उन्हें प्रभावी ढंग से संभाला जा सके.”
दोनों देशों के बीच हालिया तनाव की एक वजह खुफिया जानकारी साझा करने का मुद्दा है. रिपोर्ट के अनुसार, दक्षिण कोरिया के एकीकरण मंत्री की उत्तर कोरिया के कुसोंग में यूरेनियम संवर्धन केंद्र होने संबंधी पिछली टिप्पणी के बाद वाशिंगटन ने आपत्ति जताई थी. माना जा रहा है कि अमेरिका ने इस बात पर चिंता व्यक्त की कि साझा की गई खुफिया जानकारी को एकतरफा तरीके से सार्वजनिक किया गया.
दक्षिण कोरिया के कुछ रूढ़िवादी मीडिया संस्थानों ने एकीकरण मंत्री पर अमेरिका के साथ गठबंधन को नुकसान पहुंचाने का आरोप भी लगाया है. हालांकि, President ली ने अपने बयान में गठबंधन को कमजोर करने के बजाय उसके भीतर मतभेदों को बातचीत के जरिए सुलझाने पर जोर दिया.
ली ने अमेरिका के साथ निवेश परियोजनाओं को लेकर हुए हालिया समझौते का भी उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि लंबी बातचीत के बाद दक्षिण कोरिया ने ऐसे परिणाम हासिल किए, जो उसके राष्ट्रीय हितों के लिए बेहतर हैं. उनके अनुसार, Government आगे भी देश के हितों की रक्षा के लिए हरसंभव प्रयास करेगी.
President ने कहा, “जब भी मतभेद या गलतफहमियां सामने आएंगी, Government उन्हें दूर करने और संबंधित पक्षों के साथ समन्वय स्थापित करने की कोशिश करेगी.”
इस बीच, अमेरिका में दक्षिण कोरिया की राजदूत कांग क्यंग-व्हा ने Monday को वाशिंगटन में दक्षिण कोरियाई संसद की एक समिति के समक्ष कहा कि दोनों देशों के बीच खुफिया सहयोग में सुधार की दिशा में प्रगति हुई है. हालांकि, उन्होंने व्हाइट हाउस के साथ उच्चस्तरीय संवाद में अब भी कुछ सीमाएं होने की बात स्वीकार की.
कांग ने कहा कि व्हाइट हाउस के साथ संवाद में सीमाएं हैं. उन्होंने यह भी संकेत दिया कि खुफिया जानकारी साझा करने का मुद्दा दोनों देशों के संबंधों में सबसे कठिन विषयों में से एक बना हुआ है.
दक्षिण कोरिया की Government के सामने अब अमेरिका के साथ रणनीतिक और सुरक्षा सहयोग को बनाए रखते हुए अपने राष्ट्रीय हितों और स्वतंत्र कूटनीतिक रुख के बीच संतुलन स्थापित करने की चुनौती है. President ली के ताजा बयान इसी संतुलन पर जोर देते हैं.
–आईएनएनएस
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