
कोलकाता, 16 सितंबर . कलकत्ता उच्च न्यायालय की एकल-न्यायाधीश पीठ ने Wednesday को पश्चिम बंगाल अग्निशमन सेवा विभाग द्वारा तृणमूल कांग्रेस के महासचिव और पार्टी के डायमंड हार्बर सांसद अभिषेक बनर्जी के मध्य कोलकाता के कैमक स्ट्रीट स्थित कार्यालय को तामील किए गए बेदखली नोटिस को रद्द कर दिया.
इससे पहले, कलकत्ता उच्च न्यायालय ने अग्निशमन विभाग द्वारा जारी नोटिस पर अंतरिम रोक लगा दी थी. Wednesday को इस मामले की दोबारा सुनवाई हुई और सुनवाई के अंत में न्यायमूर्ति कृष्णा राव की एकल पीठ ने उसी नोटिस को रद्द कर दिया.
एकल न्यायाधीश की पीठ ने राज्य अग्निशमन सेवा विभाग को निर्देश दिया कि वह पहले तृणमूल कांग्रेस को कैमक स्ट्रीट कार्यालय के निरीक्षण की तारीख की सूचना देते हुए अग्रिम नोटिस जारी करे.
न्यायमूर्ति राव ने फैसला सुनाया कि अग्निशमन विभाग को तृणमूल कांग्रेस को उस कार्यालय में अपनाए जाने वाले अग्नि सुरक्षा उपायों के बारे में सूचित करना चाहिए. इसके बाद, एकल न्यायाधीश पीठ के अनुसार, तृणमूल कांग्रेस को उन दिशानिर्देशों के अनुसार सुरक्षा और संरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने होंगे.
न्यायमूर्ति राव ने फैसला सुनाया कि यदि तृणमूल तब भी उन दिशानिर्देशों का पालन नहीं करती है, तो अग्निशमन विभाग कानूनी प्रावधानों के अनुसार उचित कार्रवाई करेगा.
पिछले महीने से अभिषेक बनर्जी का कार्यालय विवादों में घिरा हुआ है, जब कोलकाता नगर निगम (केएमसी) के कर्मचारियों और Police ने इमारत की छत से एक अवैध बिलबोर्ड हटाया था. तृणमूल कार्यकर्ताओं ने अभिषेक बनर्जी, पार्टी के राज्यसभा सदस्य डेरेक ओ’ब्रायन और हुमायूं कबीर और बैश्वनार चटर्जी जैसे नेताओं के नेतृत्व में केएमसी कर्मचारियों और Policeकर्मियों के साथ झड़प की थी.
इसके बाद, स्थानीय शेक्सपियर सरानी Police स्टेशन में अभिषेक बनर्जी, डेरेक ओ’ब्रायन, कबीर और चटर्जी के खिलाफ तीन First Information Report दर्ज की गईं. उसी समय, राज्य अग्निशमन विभाग के अधिकारियों ने कार्यालय में अग्नि सुरक्षा ऑडिट किया और उसके बाद बेदखली का नोटिस जारी किया था.
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एसएके/पीएम