
Lucknow, 31 अगस्त . एसटीएफ की कार्रवाई पर Samajwadi Party अध्यक्ष अखिलेश यादव के बयान पर उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद ने पलटवार किया. संजय निषाद ने कहा कि Government का काम कानून-व्यवस्था बनाए रखना और अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करना है. इसके अलावा, उन्होंने Chief Minister योगी आदित्यनाथ से जुड़े एआई वीडियो पर भी अपनी राय रखी.
संजय निषाद ने कहा कि विपक्ष को बयानबाजी करने के बजाय अपने शासनकाल को याद करना चाहिए. उन्होंने गोरखपुर के रेल आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि जब उनकी Government थी, तब आंदोलनकारियों पर गोली क्यों चलाई गई थी और उनके समाज के साथ किस तरह का व्यवहार हुआ था. एसटीएफ का गठन पहले की Governmentों के समय हुआ था. फर्क यह है कि पहले अपराधियों को संरक्षण मिलता था और अब एसटीएफ स्वतंत्र रूप से कार्रवाई कर रही है और अपराधियों को सजा दिलाने में सफलता मिल रही है. अपराधी की कोई जाति नहीं होती और कानून-व्यवस्था बनाए रखना Government की जिम्मेदारी है.
अखिलेश यादव के आरोप पर निषाद ने सामाजिक न्याय समिति के आंकड़ों का हवाला दिया. उन्होंने दावा किया कि करीब 28 लाख Governmentी नौकरियों में लगभग 14 लाख ओबीसी और साढ़े सात लाख एससी वर्ग के लोगों की हैं. निषाद समुदाय के लोग भूमिहीन और कमजोर होने के कारण उनके पास उत्पीड़न की शिकायतें अधिक आती हैं. Police-प्रशासन में कमजोर वर्गों की शिकायतों को अब पहले की तुलना में ज्यादा सुना जा रहा है. उन्होंने विपक्ष से आरोप लगाने के बजाय यह देखने को कहा कि उसके अपने लोगों से जुड़ी शिकायतें क्यों सामने आ रही हैं?
एसआईआर को लेकर अखिलेश यादव के आरोपों पर संजय निषाद ने कहा कि मतदाता सूची में सुधार चुनाव आयोग की स्वतंत्र प्रक्रिया है. मृत लोगों के नाम हटाना, नए मतदाताओं के नाम जोड़ना और एक व्यक्ति का नाम दो स्थानों पर होने जैसी विसंगतियों को दूर करना जरूरी है. चुनाव आयोग किसी बड़े बदलाव के लिए सर्वदलीय बैठक करता है. इसलिए एसआईआर को Government की कवायद बताना उचित नहीं है.
पीडीए वर्ग से जुड़े अधिकारियों के साथ कथित भेदभाव के सवाल पर उन्होंने सपा और बसपा Governmentों के दौर का हवाला दिया. निषाद ने आरोप लगाया कि अलग-अलग Governmentों में अधिकारियों की नियुक्तियों में Political और जातीय पसंद-नापसंद का प्रभाव रहता था. मौजूदा व्यवस्था में अधीनस्थ चयन आयोग और लोक सेवा आयोग जैसी संस्थाओं की भर्तियों में विभिन्न वर्गों के लोगों की भागीदारी बढ़ी है. पारदर्शिता के कारण अब उन समुदायों के लोगों के नाम भी दिखाई दे रहे हैं, जिन्हें पहले पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं मिलता था.
रामगोपाल यादव के हत्या और फर्जी एनकाउंटर के आरोप पर निषाद ने कहा कि Government की नीति ‘जीरो टॉलरेंस’ की है. Government का उद्देश्य लोगों को सुरक्षा, न्याय और सम्मान देना तथा भय का माहौल खत्म करना है. Police अपराधियों को किस तरह गिरफ्तार करती है, यह प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा है.
अखिलेश यादव की प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिखाए गए एआई वीडियो पर निषाद ने कड़ी आपत्ति जताई. उन्होंने कहा कि यह मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम की नगरी है और सार्वजनिक जीवन में मर्यादित भाषा, पोस्टर और Political प्रचार होना चाहिए. उन्होंने Chief Minister योगी आदित्यनाथ को प्रदेश की जनता द्वारा चुना गया नेता और गोरक्षनाथ पीठ का पीठाधीश्वर बताते हुए कहा कि उन्हें इस तरह प्रदर्शित करना अमर्यादित और अनुचित है.
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पीएसके/एबीएम