
Lucknow, 9 अक्टूबर . Samajwadi Party के अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा अयोध्या दौरे के दौरान राम मंदिर के दर्शन नहीं करने और Chief Minister योगी आदित्यनाथ को अयोध्या से चुनाव लड़ने की चुनौती देने पर भाजपा के नेताओं ने पलटवार किया है.
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यंमत्री ब्रजेश पाठक ने से बातचीत में कहा, “अखिलेश यादव सिर्फ तुष्टीकरण की राजनीति करते हैं. वे भले ही पीला कपड़ा पहन लें और माथे पर तिलक लगा लें, लेकिन इनको सिर्फ तुष्टीकरण और मुस्लिम वोट बैंक से मतलब है. Samajwadi Party के लोग कभी भी सनातन संस्कृति को स्वीकार नहीं करते हैं.”
उत्तर प्रदेश Government में मंत्री नरेंद्र कश्यप ने कहा, “पांच बार Lok Sabha सांसद और लगातार दूसरी बार प्रदेश की बागडोर संभालने वाले Chief Minister योगी आदित्यनाथ पर टिप्पणी करना, अखिलेश यादव के अहंकार को दिखाता है. इसी अहंकार ने Samajwadi Party को गर्त में पहुंचा दिया है.”
भाजपा विधायक रजनी तिवारी ने कहा, “जब तक उन्हें (अखिलेश यादव) ईश्वर का आशीर्वाद नहीं मिलता, वे उनके दर्शन नहीं कर पाएंगे. उन पर ईश्वर की कृपा नहीं है, इसीलिए उन्हें न तो सद्बुद्धि मिल रही है और न ही दर्शन का अवसर.”
मंत्री दयाशंकर सिंह ने कहा, “वे (अखिलेश) सनातन का अपमान कर रहे हैं. इनके पिता ने भी राम भक्तों पर गोली चलवाई और इन्होंने भी अयोध्या में जाकर सनातन का अपमान किया है. इन्होंने भगवान श्री राम का दर्शन नहीं किया.”
मंत्री जयवीर सिंह ने कहा, “हताशा और निराशा की स्थिति में ही बौखलाहट हो रही है. तो इस बौखलाहट में अखिलेश यादव परेशान हैं.”
ओम प्रकाश राजभर ने आरोप लगाया कि मुस्लिम वोटरों को खुश करने के लिए अखिलेश यादव ने राम मंदिर में दर्शन नहीं किए. इस पर जेडीयू के महासचिव श्याम रजक ने कहा, “मुझे उनकी सोच से कोई लेना-देना नहीं है. मैं सभी धर्मों में विश्वास करता हूं. मेरे लिए दरगाह उतनी ही पवित्र है जितना राम मंदिर, चर्च, गुरुद्वारा, बौद्ध मठ या महावीर का जैन मंदिर. इन पवित्र स्थलों को एक-दूसरे के खिलाफ खड़ा करना लोकतंत्र के लिए नुकसानदेह है और इससे समाज में कड़वाहट बढ़ेगी.”
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ओपी/एएस