अखिलेश-आजम की मुलाकात पर भाजपा का हमला, कहा-गुंडाराज की वापसी चाहती है सपा

Lucknow, 22 अक्टूबर . Samajwadi Party के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव Thursday को रामपुर जेल में बंद पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान से मुलाकात करने जा रहे हैं. इस मुलाकात को ‘एम’ यानी मुस्लिम समीकरण को सहेजने की कवायद के तौर पर देखा जा रहा है. वहीं इस मुलाकात को लेकर अब सियासी बयानबाजी भी तेज हो गई है.
Patna में बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने इस मुलाकात पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव और आजम खान की यह मुलाकात दरअसल Samajwadi Party के उसी पुराने, बदहाल, माफिया और दंगा राज को फिर से जिंदा करने की हताश कोशिश है.
संजय सरावगी ने कहा, “जब-जब चुनाव नजदीक आते हैं, Samajwadi Party को अपने उन लोगों की याद आती है, जिनके दौर में उत्तर प्रदेश में कानून का राज नहीं बल्कि तुष्टिकरण और जमीनों पर अवैध कब्जे का राज चलता था. उत्तर प्रदेश की प्रबुद्ध जनता सीएम योगी आदित्यनाथ के सुशासन और विकास के साथ खड़ी है. इन पुराने दागी चेहरों को इकट्ठा करने से Samajwadi Party की तय हार टलने वाली नहीं है.”
उन्होंने आजम खान के पिछले कार्यकाल पर सवाल उठाते हुए कहा, “आजम खान क्या थे उस समय? गुंडाराज, जंगलराज, माफिया राज, जमीन कब्जा ही उनकी पहचान थी. इसलिए उत्तर प्रदेश की जनता ये सब अच्छी तरह समझ चुकी है और जान चुकी है कि सपा का असली चेहरा क्या है.”
वहीं, Mumbai में भाजपा नेता राम कदम ने भी अखिलेश यादव पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले अखिलेश यादव पूरी तरह से भ्रम में हैं. अयोध्या सीट को लेकर उन्होंने अखिलेश पर तंज कसा. राम कदम ने कहा, “जब अयोध्या की बारी आई तो शुरू में अखिलेश कह रहे थे कि चुनाव लड़ूंगा लेकिन जब सीएम योगी ने उन्हें चुनौती दी और खुद उनके सामने अयोध्या से लड़ने के लिए तैयार हो गए, तो एक माह बाद भी अखिलेश की चुप्पी नहीं टूटी. वह जानते हैं कि सीएम योगी के सामने अयोध्या या कहीं से भी लड़ें, उन्हें हार का सामना करना पड़ेगा.”
उन्होंने कहा, “यही डर अखिलेश यादव की बिगड़ती हुई भाषा का कारण है. कभी चवन्नी कहते हैं, कभी पिछड़ों को लेकर गलत टिप्पणी करते हैं. और अब जब उनका बचा-खुचा जनाधार भी समाप्त हो रहा है, तब जेल में बंद असामाजिक तत्वों के कारण कारावास में रहने वाले आजम खान जैसे लोगों से मिलकर शायद किसी एक खास तबके को खुश करने का प्रयास कर रहे हैं.” उन्होंने जोर देकर कहा, “आजम खान से मिलें या और किसी और से, उत्तर प्रदेश की जनता ने तय कर लिया है कि गुंडागर्दी करने वाले लोगों के लिए उस भूमि पर कोई जगह नहीं है.”
Patna में जदयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन ने भी इस मुलाकात को लेकर सपा को घेरा. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में कुछ भी बदलने नहीं जा रहा है और एनडीए गठबंधन की फिर से सत्ता में वापसी होगी.
राजीव रंजन ने कहा, “विधानसभा चुनाव में उनके इस भ्रम का निवारण हो जाएगा. जनता अखिलेश यादव की राजनीति में विकास को दूर-दूर तक नहीं देखती. कभी पंडित, कभी पिछड़ा कहकर सबको साधने की उनकी जो कोशिश रहती है, उसे मतदाताओं ने गंभीरता से नहीं लिया है. सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में एनडीए को एकतरफा बढ़त मिलती दिख रही है. इसलिए अगली Government एक बार फिर सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में ही बनेगी. Prime Minister मोदी और सीएम योगी की जोड़ी पर जनता को पूरा भरोसा है.”
उधर, Lucknow में कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने इस मुलाकात को पारिवारिक और भावनात्मक रिश्ता करार दिया. सुरेंद्र राजपूत ने कहा, “यह पारिवारिक संबंध है, पिता-पुत्र जैसा संबंध है. आजम खान मुलायम सिंह यादव के साथी हैं. अखिलेश यादव अपने घर के चाचा से मिलने जा रहे हैं.”
उन्होंने भाजपा Government पर आजम खान के उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए कहा, “आजम खान के खिलाफ जो अत्याचार, जो आतंक और जो गंदा काम भारतीय जनता पार्टी कर रही है, उन्हें मुर्गी चोर बताया जा रहा है, किताब चोर बताया जा रहा है. यह दुर्भाग्यपूर्ण है. इस उत्पीड़न के खिलाफ आजम खान को मानसिक संबल देने के लिए अखिलेश यादव वहां जा रहे हैं.” सुरेंद्र राजपूत ने कहा कि इस तरह की मुलाकातें होती रहनी चाहिए, ताकि इस Government के अहंकार और दमनकारी शासन का जल्द से जल्द अंत हो सके.
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