अंबेडकर नगर निगम में 14.95 करोड़ का घोटाला आया सामने, राहुल गांधी को जवाब देना चाहिए: भाजपा

Bengaluru, 16 अक्टूबर . कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता आर. अशोक ने डॉ. बी.आर. अंबेडकर विकास निगम में करोड़ों के घोटाले का आरोप लगाते हुए कांग्रेस Government पर हमला बोला है. भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि 14.95 करोड़ से ज्यादा की राशि फर्जी खातों और जाली दस्तावेजों से हड़प ली गई है.
भाजपा नेता आर. अशोक ने एक्स पोस्ट में कहा कि पहले महर्षि वाल्मीकि अनुसूचित जनजाति विकास निगम में 187 करोड़ रुपये की लूट हुई और अब डॉ. बी.आर. अंबेडकर विकास निगम में घोटाला सामने आया है. Enforcement Directorate (ईडी) की 14 अक्टूबर 2026 की प्रेस विज्ञप्ति कर्नाटक कांग्रेस Government के तहत एक और बड़े वित्तीय घोटाले का पर्दाफाश करती है.
भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि डॉ. बी.आर. अंबेडकर विकास निगम (एडीसीएल) के 14.95 करोड़ रुपये से अधिक की राशि को फर्जी चालू खातों, जाली दस्तावेजों और फिक्स्ड डिपॉजिट को समय से पहले बंद करवाकर हड़प लिया गया. क्या इसी को राहुल गांधी “न्याय” कहते हैं?
एक तरफ राहुल गांधी देश को सामाजिक न्याय पर उपदेश देते हैं, तो दूसरी तरफ कर्नाटक में कांग्रेस Government अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के उत्थान के लिए आवंटित फंड को व्यवस्थित तरीके से लूट रही है. पहले वाल्मीकि एसटी समुदाय के लिए तय 187 करोड़ रुपये गायब हो गए और अब डॉ. बी.आर. अंबेडकर के नाम पर दलितों के विकास के लिए रखे गए फंड में हेराफेरी की गई है.
आर. अशोक ने आगे कहा कि राहुल गांधी को कर्नाटक की जनता को जवाब देना चाहिए. जब उनकी निगरानी में राज्य के खजाने और दलित कल्याण कोष को लूटा जा रहा है, तो कांग्रेस नेतृत्व पूरी तरह से खामोश क्यों है? कर्नाटक भाजपा तब तक चैन से नहीं बैठेगी, जब तक इन घोटालों में शामिल हर एक व्यक्ति को सजा नहीं मिल जाती. हम कर्नाटक की जनता के लिए तत्काल जवाबदेही और पूरी पारदर्शिता की मांग करते हैं.
गौरतलब है कि Enforcement Directorate (ईडी) के बैंगलोर जोनल ऑफिस ने मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में बैंगलोर की स्पेशल कोर्ट (पीएमएलए) में अयूब सैयद और अन्य सहित 5 आरोपियों के खिलाफ अतिरिक्त अभियोजन शिकायत दायर की है. ईडी की जांच सीबीआई, एसीबी, Bengaluru द्वारा आईपीसी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज First Information Report के आधार पर शुरू की गई थी.
ईडी ने अपने एक आधिकारिक बयान में बताया कि जांच से पता चला है कि जाली दस्तावेजों और गलत पहचान का इस्तेमाल करके स्टेट बैंक ऑफ मैसूर, एचएएल – 2 स्टेज ब्रांच, Bengaluru में डॉ. बीआर अंबेडकर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (एडीसीए) के नाम से एक फर्जी करंट अकाउंट खोला गया था.
इसके बाद, जाली टीडीआर/एफडीआर इंस्ट्रूमेंट्स और फर्जी प्री-क्लोजर लेटर का इस्तेमाल करके एडीसीएल की 5-5 करोड़ रुपये की चार फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) समय से पहले बंद कर दी गईं. इससे लगभग 14.95 करोड़ रुपये का गबन हुआ, जो पीएमएलए, 2002 के तहत अपराध से प्राप्त आय है.
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ओपी/एएस


