
Lucknow, 4 अगस्त . उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र का Tuesday को दूसरा दिन है. योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली Government विधानसभा में अनुपूरक (सप्लीमेंट्री) बजट पेश करेगी. इसे लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच पहले से ही तीखी बयानबाजी शुरू हो गई है. Government का कहना है कि यह बजट प्रदेश के विकास को नई गति देगा जबकि विपक्ष का आरोप है कि यह भी भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाएगा.
प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि यह अनुपूरक बजट किसानों, महिलाओं, युवाओं और गरीबों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है. उन्होंने कहा कि सप्लीमेंट्री बजट का मुख्य उद्देश्य पहले से चल रही विकास योजनाओं को समय पर पूरा करना और जनहित से जुड़े जरूरी कार्यों के लिए अतिरिक्त धन उपलब्ध कराना है. जहां-जहां धन की जरूरत महसूस हुई है, वहां अतिरिक्त राशि का प्रावधान किया जाएगा, जिससे विकास कार्यों में कोई रुकावट न आए और प्रदेश की प्रगति तेज हो.
मंत्री नरेंद्र कुमार कश्यप ने भी Government के रुख का समर्थन करते हुए कहा कि राज्य के विकास के लिए अनुपूरक बजट बेहद जरूरी है. उनका कहना है कि योगी Government इस बजट के जरिए बुनियादी ढांचे, जनकल्याण और विकास परियोजनाओं को और मजबूती देने का काम करेगी.
वहीं, मंत्री रजनी तिवारी ने कहा कि बजट सत्र Government के लिए हमेशा महत्वपूर्ण होता है. उन्होंने कहा कि Government समाज और जनकल्याण को प्राथमिकता देते हुए काम कर रही है. बजट पेश होने के बाद यह साफ हो जाएगा कि किन-किन क्षेत्रों के लिए नए प्रावधान किए गए हैं और जनता को इसका क्या लाभ मिलेगा.
दूसरी ओर, Samajwadi Party ने Government के दावों पर सवाल उठाए हैं. सपा के डिप्टी चीफ व्हिप आरके वर्मा ने कहा, “जो बजट पहले पेश किया गया था, उसका अभी तक पूरी तरह इस्तेमाल नहीं हुआ है. यह सप्लीमेंट्री बजट भी भ्रष्टाचार का शिकार हो जाएगा. लगभग सभी Governmentी योजनाएं पहले से ही भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ चुकी हैं. इसलिए, मानसून सत्र के दौरान यह सप्लीमेंट्री बजट लाने का कोई औचित्य नहीं है.”
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