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प्रयागराज, 16 नवंबर . उत्तर प्रदेश की योगी Government राज्य की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बना रही है. राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत गठित किए गए स्वयं सहायता समूह महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बना रहे हैं. प्रयागराज में घरेलू कामकाज देखने वाली सैकड़ों ग्रामीण महिलाओं की जिंदगी इस मिशन ने बदल दी है.
कभी घर का चूल्हा कर अपना परिवार चलाने वाली मनीषा साहू आज गांव में आत्मनिर्भरता की मिसाल बन चुकी हैं. प्रयागराज के इस्माइलपुर में रहने वाली मनीषा साहू के पास इतने पैसे भी नहीं थे कि वह अपने बच्चों को स्कूल में दाखिला करा पाती. पति असाध्य रोग से पीड़ित थे, ऐसे में तीन बच्चों को पढ़ाने के लिए उसने उन्हें अपने मायके भेज दिया, जहां उनके पिता ने उन्हें स्कूल में दाखिला दिलाया. मनीषा ने 2020 में मां गंगा स्वयं सहायता समूह से जुड़कर अपनी नई राह बनाई. मनीषा ने बिजली सखी के रूप में कार्य करना शुरू किया.
मनीषा ने कहा कि सुबह-सुबह एक टूटी-फूटी साइकिल से गांव-गांव लोगों के बिजली के बिल जमा करने और उनका बिल लेने निकल जाती है. शुरुआती दिनों में इस कार्य की कमीशन से उसे जो आमदनी होती थी उससे परिवार का खर्च चलाना मुश्किल था, लेकिन अब वह बिजली सखी के रूप में हर महीने 20 हजार से अधिक कमा लेती है. मनीषा ने इसी पैसे से एक स्कूटी खरीद ली है. गांव की दो दर्जन से अधिक महिलाओं को भी मनीषा ने इससे जोड़ लिया है और उन महिलाओं की जिंदगी भी अब बदल गई है.
उत्तर प्रदेश की योगी Government की प्राथमिकता महिलाओं को स्वावलंबी और आत्मनिर्भर बनाने की रही है. Government ने इसके लिए महिला स्वयं सहायता समूह गठित किए, जिसके माध्यम से महिलाओं को स्वयं सक्षम बनने में मदद मिल रही है. प्रयागराज के उपायुक्त एनएलआरएम अशोक कुमार गुप्ता बताते हैं कि ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के अभियान में इन्हें नई जिम्मेदारी दी जा रही है.
जनपद में महिला स्वयं सहायता समूह से जुड़ी 820 महिलाओं को विद्युत सखी के रूप में गांव में बिजली के बिल जमा करने और उपभोक्ताओं को बिजली विभाग की तरफ से चलाई गई योजनाओं की जानकारी देने की जिम्मेदारी दी गई है. इसमें 324 बिजली सखी इस समय सक्रिय हैं. इसमें भी मां गंगा महिला स्वयं सहायता समूह अग्रणी है. समूह की अध्यक्ष मनीषा साहू ने इस साल नवंबर के पहले हफ्ते तक इससे बिजली विभाग को 12 करोड़ से अधिक के बिजली बिल जमा कराए हैं. अनुमान है कि इस वित्तीय वर्ष उनका राजस्व 22 करोड़ का आंकड़ा पार कर जाएगा.
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डीकेपी/