यशस्विनी देसवाल: भारतीय शूटर, जिन्होंने मनु भाकर को शिकस्त देकर जीता था गोल्ड

New Delhi, 29 मार्च . India की प्रतिभाशाली निशानेबाज यशस्विनी सिंह देसवाल ने 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन किया है. यशस्विनी ने विश्व कप और एशियाई प्रतियोगिताओं में अपनी सटीकता, एकाग्रता और मेहनत से खास पहचान बनाई है.

30 मार्च 1997 को Haryana के पंचकूला में जन्मीं यशस्विनी को New Delhi में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स 2010 ने प्रेरित किया. यशस्विनी ने इसे टीवी पर देखा और सोच लिया कि वह भी एक दिन अपने देश के लिए मेडल हासिल करेंगी.

महज 15 साल की उम्र में यशस्विनी ने अपने शूटिंग सफर की शुरुआत की, उन्होंने स्कूल नेशनल्स में गोल्ड पर निशाना साधते हुए अपनी पहचान बनाई. साल 2014 में यशस्विनी चीन में आयोजित यूथ ओलंपिक में छठे स्थान पर रहीं. इसी साल एशियन चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल और आईएसएसएफ जूनियर वर्ल्ड कप में ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया.

साल 2015 में यशस्विनी ने जूनियर नेशनल चैंपियन में सिल्वर मेडल अपने नाम किया. साल 2016 में आयोजित आईएसएसएफ जूनियर वर्ल्ड कप में एक बार फिर सिल्वर जीता. इसी साल साउथ एशियन गेम्स में गोल्ड पर निशाना साधा. साल 2017 में आयोजित आईएसएसएफ जूनियर विश्व चैंपियनशिप में 235.9 स्कोर के साथ गोल्ड जीता.

यशस्विनी को साल 2018 में आयोजित आईएसएसएफ वर्ल्ड कप में महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल में चौथे स्थान से संतोष करना पड़ा था, लेकिन अगले साल आईएसएसएफ वर्ल्ड कप के इसी इवेंट में गोल्ड अपने नाम किया, उन्हें 2020 टोक्यो ओलंपिक में देश का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिला, जहां 10 मीटर एयर पिस्टल में 13वें स्थान पर रहीं, जबकि 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम इवेंट में 17वां स्थान पर रहते हुए संतोष करना पड़ा.

साल 2021 यशस्विनी के लिए बेहद खास रहा, जब उन्होंने मनु भाकर को 10 मीटर एयर पिस्टल इवेंट में शिकस्त देकर अपना दूसरा आईएसएसएफ वर्ल्ड कप गोल्ड जीता.

यशस्विनी सिंह देसवाल India की बेटियों के लिए प्रेरणा हैं. उनकी सफलता यह दिखाती है कि मेहनत और आत्मविश्वास से हर लक्ष्य हासिल किया जा सकता है. यशस्विनी युवा लड़कियों को अपने सपनों का पीछा करने के लिए प्रेरित करती हैं.

आरएसजी

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