
यमुनानगर, 17 दिसंबर . यमुनानगर के छप्पर थाना क्षेत्र के गांव ऊंचा चांदना में आयोजित महिला समूह की बैठक के दौरान दौलतपुर गांव की सरपंच पिंकी के साथ कुछ लोगों ने कथित रूप से मारपीट की. सरपंच का आरोप है कि जब वह इस घटना की शिकायत देने थाना छप्पर पहुंचीं, तो वहां भी उनके साथ दुर्व्यवहार और मारपीट की गई. सरपंच ने आरोपियों द्वारा जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किए जाने का भी आरोप लगाया. शिकायत के आधार पर Police ने आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
दौलतपुर की सरपंच पिंकी ने Police को दी शिकायत में बताया कि 11 दिसंबर को गांव ऊंचा चांदना में महिला समूह की बैठक चल रही थी. इसी दौरान देवेंद्र राणा नामक व्यक्ति बिना बुलाए बैठक में पहुंच गया और महिला समूह के पैसों के कथित दुरुपयोग को लेकर आरोप लगाने लगा. जब सरपंच पिंकी ने इन आरोपों को निराधार बताया, तो वह उग्र हो गया और अपने साथियों के साथ मिलकर उनके साथ मारपीट करने लगा.
सरपंच पिंकी ने समाचार एजेंसी को बताया कि घटना के बाद वह शिकायत दर्ज कराने थाना छप्पर पहुंचीं, लेकिन वहां भी उन्हें न्याय मिलने के बजाय दुर्व्यवहार का सामना करना पड़ा. उनका आरोप है कि आरोपी पहले से ही थाने में मौजूद था और जैसे ही वह अपनी कार से उतरीं, उसने उन पर हमला कर दिया. इस पूरी घटना का cctv फुटेज भी मौजूद है, जिसमें आरोपी की हरकतें कैद हुई हैं. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी ने कई बार उन्हें जान से मारने की कोशिश की और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया.
इस पूरे मामले को लेकर महिला सरपंच पिंकी जगाधरी स्थित डीएसपी कार्यालय पहुंचीं, जहां उन्होंने डीएसपी रजत गुलिया से मुलाकात कर अपनी शिकायत रखी. सरपंच ने बताया कि डीएसपी ने उन्हें आश्वासन दिया है कि मामले की गहन जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी. उन्होंने कहा कि न केवल बैठक के दौरान हुई मारपीट, बल्कि थाना परिसर में हुई घटना को भी गंभीरता से लिया जाएगा.
वहीं, डीएसपी रजत गुलिया ने को बताया कि पीड़ित महिला सरपंच उनके पास पहुंची थीं. जानकारी के अनुसार, 11 दिसंबर को ऊंचा चांदना में एक बैठक के दौरान उनके साथ बदतमीजी की गई थी. इसके बाद जब वह शिकायत लेकर थाना छप्पर पहुंचीं, तो दूसरा पक्ष पहले से वहां मौजूद था और थाना परिसर में ही उनके साथ मारपीट की गई. इस संबंध में शिकायत दर्ज कर ली गई है और मामले की जांच की जा रही है. जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
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पीएसके