
Patna, 18 अप्रैल . बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने Saturday को महिला आरक्षण बिल को लेकर सत्ता पक्ष पर जोरदार निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण बिल तब लाया गया जब पांच राज्यों में चुनाव चल रहा है, तब इसे आनन-फानन में लाया गया. Government सीटों का परसीमन कराना चाहती थी.
उन्होंने यहां मीडिया से बातचीत में कहा कि महिला का कवच लगाकर ये लोग अपना हिडन एजेंडा ला रहे थे. यह बिल तो गिरना तय था. उन्होंने कहा कि Government को भली-भांति यह पता था कि उनके पास दो-तिहाई बहुमत नहीं है और यह बिल पास नहीं हो पाएगा. उनकी मंशा बिल पास कराने की थी ही नहीं, बल्कि वे चाहते थे कि यह बिल गिर जाए.
तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि Government ने जानबूझकर ऐसी परिस्थितियां पैदा की ताकि विपक्ष पर ठीकरा फोड़ा जा सके. ये लोग महिलाओं से पैर धुलवाते हैं.
उन्होंने सत्ता पक्ष पर महिला विरोधी होने का आरोप लगाया. राजद के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष ने सत्ता पक्ष को निशाने पर लेते हुए कहा कि ये लोग क्या जानेंगे कि महिलाओं का क्या सम्मान होता है. इन लोगों को कोई मतलब नहीं है. इन लोगों को केवल अपनी राजनीति चमकाने से ही मतलब है.
उन्होंने कहा कि Government की असली साजिश सीटों का परिसीमन कराने की थी, लेकिन उनकी यह योजना पूरी तरह विफल हो गई. परिसीमन के बाद इनका एजेंडा संविधान बदलने का है, लेकिन हम लोग ऐसा नहीं होने देंगे.
बिहार के Chief Minister सम्राट चौधरी के नीतीश कुमार के कार्यों को बढ़ाने को लेकर दिए गए एक बयान को लेकर उन्होंने कहा कि यह बात उन्हें कहने की जरूरत ही क्यों पड़ रही है?
तेजस्वी ने सवालिया लहजे में कहा कि Chief Minister को तो काम करके दिखाना चाहिए. उसके लिए बोलने की क्या आवश्यकता है? उन्होंने कहा कि वे चाहे वह शराबबंदी ही क्यों न हो, क्या इसलिए कोई कैबिनेट से फैसला लिया गया है?
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एमएनपी/एएसएच