ओडिशा में महिला नेतृत्व वाले ग्रामीण उद्यमों को मिलेगा आईआईटी भुवनेश्वर का सहयोग

भुवनेश्वर, 8 जून . Odisha आजीविका मिशन (ओएलएम) ने Monday को राज्य भर में ग्रामीण महिला नेतृत्व वाले उद्यमों के विकास में सहयोग देने के लिए आईआईटी भुवनेश्वर के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए.

एक आधिकारिक बयान के अनुसार, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत स्टार्ट-अप विलेज एंटरप्रेन्योरशिप प्रोग्राम (एसवीईपी) के माध्यम से Odisha भर में विकासोन्मुखी ग्रामीण उद्यमों को सहयोग देने के लिए एक इनक्यूबेशन कार्यक्रम शुरू किया जा रहा है.

बयान में कहा गया है कि आईआईटी भुवनेश्वर इस पहल के लिए इनक्यूबेशन पार्टनर के रूप में कार्य करेगा.

इस सहयोग के माध्यम से, ग्रामीण महिला उद्यमियों को व्यवसाय योजना, उत्पाद विकास, गुणवत्ता संवर्धन, बाजार संपर्क, वित्त तक पहुंच और पेशेवर नेटवर्किंग में सहायता प्राप्त होगी.

दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (डीएवाई-एनआरएलएम) के दिशानिर्देशों के अनुसार, अगले तीन वर्षों में इनक्यूबेशन प्रक्रिया के माध्यम से कम से कम 150 विकासोन्मुखी ग्रामीण उद्यमों को सहायता प्रदान की जाएगी.

केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने इस कार्यक्रम के लिए 10.70 करोड़ रुपए के व्यय को मंजूरी दी है. पहले चरण में, इस पहल के कार्यान्वयन के लिए आईआईटी भुवनेश्वर को 99 लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं.

राज्य Government ने कहा कि इनक्यूबेशन कार्यक्रम से राज्य में एक जीवंत उद्यमशीलता पारिस्थितिकी तंत्र बनने और स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) को लघु एवं मध्यम उद्यमों में परिवर्तित होने का मार्ग प्रशस्त होने की उम्मीद है. चिन्हित एसएचजी उद्यमों को उद्यम पंजीकरण और उद्यम स्थापना के लिए आवश्यक अन्य अनिवार्य अनुपालन और प्रमाणन प्राप्त करने में सहायता प्रदान की जाएगी. आईआईटी भुवनेश्वर चुनिंदा Odisha उत्पादों के लिए विशिष्ट पहचान बनाने के लिए पेटेंट और प्रक्रिया प्रमाणन प्राप्त करने में भी सहायता करेगा.

इस अवसर पर बोलते हुए उपChief Minister प्रभाती परिदा ने कहा कि Government न केवल महिलाओं को रोजगार योग्य बनाने के लिए प्रतिबद्ध है, बल्कि उन्हें सफल उद्यमी के रूप में विकसित करने के लिए भी प्रतिबद्ध है.

परिदा ने कहा कि आईआईटी भुवनेश्वर जैसे प्रतिष्ठित संस्थान के साथ सहयोग से स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के लिए अवसरों के नए द्वार खुल गए हैं. तकनीकी मार्गदर्शन और उन्नत प्रशिक्षण के माध्यम से वे अपने उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित कर सकेंगी.

उन्होंने इस पहल को ‘विकसित Odisha’ की दिशा में एक मील का पत्थर और महिलाओं के आत्मविश्वास और आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम बताया.

एमएस/

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