
New Delhi, कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर ने राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी के आरोप, विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार के बयान, सनातन बोर्ड, चंपत राय, Prime Minister Narendra Modi और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह समेत विभिन्न मुद्दों पर से विशेष बातचीत की.
राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी के आरोपों पर देवकीनंदन ठाकुर ने कहा, “मैं अभी इस मुद्दे पर ज़्यादा कुछ नहीं कह सकता. सभी जानते हैं कि यदि ऐसा कुछ हुआ है तो इसकी जांच चल रही है. लेकिन अगर ऐसा हुआ है, तो उन 100 करोड़ हिंदुओं और सनातन भक्तों की भावनाओं को ठेस पहुंची है, जिनकी भगवान राम में आस्था है.”
विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा है कि राम मंदिर के पक्ष में Supreme Court का फैसला आने के बाद विहिप की भूमिका समाप्त हो गई थी. इसके बाद मंदिर निर्माण से लेकर उसके संचालन तक उनकी कोई भूमिका नहीं रही. इस पर देवकीनंदन ठाकुर ने कहा, “किसी ने मुझसे आलोक जी के उस बयान के बारे में पूछा कि फैसले के बाद राम मंदिर से उनका अब कोई लेना-देना नहीं है. उन्होंने विश्व हिंदू परिषद, सनातन और देश के लिए बहुत काम किया है तथा आगे भी करते रहेंगे. मैं उनकी बात से सहमत हूं.”
उन्होंने कहा, “मैंने हमेशा कहा है कि एक सनातन बोर्ड का गठन होना चाहिए. मैंने संघ और विहिप के लोगों के साथ इस विषय पर चर्चा की है. कई वरिष्ठ लोग भी मानते हैं कि इसके लिए अलग व्यवस्था होनी चाहिए. जैसे आईएएस और आईपीएस अधिकारियों को संविधान का ज्ञान होता है, वैसे क्या उन्हें रामायण, वेद और शास्त्रों का भी ज्ञान होता है? धर्म से जुड़े कार्य धर्माचार्यों पर छोड़ दिए जाने चाहिए, जबकि प्रशासन और Government अपने दायित्व निभाएं. यदि राम मंदिर से शंकराचार्यों को जोड़ा गया होता तो आज कथित चढ़ावा चोरी जैसे आरोपों का सामना नहीं करना पड़ता.”
देवकीनंदन ठाकुर ने कहा, “मेरी मांग है कि सनातन बोर्ड का गठन हो और चारों शंकराचार्य तथा पांचवें वैष्णवाचार्य इस व्यवस्था का नेतृत्व करें. भगवान का धन गरीबों, माताओं-बहनों और गौसेवा के कार्यों में लगाया जाए. इसके अलावा नि:शुल्क अस्पताल बनाए जाएं. राम और कृष्ण का धन किसी एक ट्रस्ट का नहीं, बल्कि पूरे सनातन समाज का होना चाहिए. सनातन बोर्ड का गठन ही सबसे अच्छा विकल्प है.”
उन्होंने कहा, “सनातन बोर्ड के गठन से राम मंदिर में कथित चोरी जैसी घटनाओं को रोका जा सकता है. हमारे शास्त्र कहते हैं कि यदि कोई धर्म का नाश करता है तो धर्म उसका नाश कर देता है. यदि कथित चोरी हुई है और किसी ने इसे अंजाम दिया है, तो जो कुछ उनके साथ हो रहा है, वह उनके कर्मों का फल है. आज पूरी दुनिया में उनकी बदनामी हो रही है. यदि धर्म के जानकार सनातन बोर्ड में होंगे तो भविष्य में ऐसी घटनाएं नहीं होंगी. यदि ऐसी घटनाएं होती भी हैं तो उनका समाधान धर्माचार्य ही करेंगे.”
राम मंदिर चंदे को लेकर हुए विवाद के बाद चंपत राय के इस्तीफे और विपक्ष के बयान पर देवकी नंदन ठाकुर ने कहा, “मैं न तो कोई Governmentी अधिकारी हूं और न ही सत्ता में बैठा कोई व्यक्ति. मेरा कहना यह नहीं है कि जो हो चुका है, उस पर चर्चा न की जाए. हमें इस बात पर चर्चा करनी चाहिए कि भविष्य में ऐसी चीज़ों को कैसे रोका जाए. मुझे हमारे Prime Minister और गृह मंत्री अमित शाह से उम्मीद है कि इस बार फैसला ऐसा होना चाहिए, जिससे आने वाली पीढ़ियां सुरक्षित रहें.”
उन्होंने कहा, “मैं चाहता हूं कि सनातन बोर्ड के माध्यम से आधुनिक गुरुकुल, अस्पताल, गौशालाएं और गरीबों की सेवा के कार्य किए जाएं. आजादी के बाद आज तक किसी Prime Minister ने यह काम नहीं किया. मुझे Prime Minister Narendra Modi और अमित शाह से आशा है कि वक्फ बोर्ड को मिले अधिकारों की तरह सनातन बोर्ड को भी अधिकार दिए जाएं. सभी मंदिरों को सनातन बोर्ड के अंतर्गत लाया जाए. चारों शंकराचार्यों में से किसी एक को बोर्ड का अध्यक्ष बनाकर कार्य आगे बढ़ाया जाए. इससे भारत, मानवता और सनातन की रक्षा होगी.”
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ओपी/एएस