
चंडीगढ़, 9 अगस्त . पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने Sunday को शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख सुखबीर बादल से पूछा कि वे भाजपा के साथ चुनावी गठबंधन के लिए इतने बेताब क्यों हैं कि उन्हें विधानसभा और संसदीय क्षेत्रों के परिसीमन जैसे संवेदनशील मुद्दे पर यू-टर्न लेना पड़ा.
वड़िंग ने बादल को याद दिलाया कि महज तीन महीने पहले उनकी पार्टी ने परिसीमन विधेयक का विरोध किया था और इसे पंजाब के हित के विरुद्ध बताया था. उन्होंने पूछा कि इन तीन महीनों में ऐसा क्या बदल गया कि आपको उसी विधेयक में अच्छाई दिखने लगी, जिसे आपने पहले पंजाब के हित के विरुद्ध बताया था?
उन्होंने कहा कि कारण स्पष्ट हैं, बादल अपना Political अस्तित्व बचाने के लिए भाजपा को लुभाने की हर संभव कोशिश कर रहे हैं ताकि वह राज्य में 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले चुनावी गठबंधन के लिए राजी हो जाए.
उन्होंने कहा कि जब संसदीय चुनावों से पहले अकाली भाजपा के साथ गठबंधन करने में विफल रहे थे, तब बादल ने दावा किया था कि वे पंजाब के हितों से समझौता नहीं करना चाहते. वड़िंग ने कहा कि अब जब आप अपने अस्तित्व के लिए बेताब हैं, तो आप पंजाब के उन हितों को पूरी तरह से भूल गए हैं जिनके लिए आपने 2024 में स्टैंड लेने का दावा किया था. वड़िंग ने बादल को याद दिलाया कि उनका Political अवसरवाद एक बार फिर बेनकाब हो गया है.
राज्य कांग्रेस अध्यक्ष ने जोर देकर कहा कि अगर अकाली और भाजपा चुनाव के लिए एक साथ आते भी हैं, तो उनकी जीत की कोई संभावना नहीं है. उन्होंने कहा कि पंजाब की जनता न तो उन घोर अपराधों को भूली है और न ही किसानों पर हुए अत्याचारों को, जिनके लिए ये दोनों पार्टियां क्रमशः दोषी हैं. उन्होंने आगे कहा कि उनके एक साथ आने से उनके चुनावी भाग्य में शायद ही कोई फर्क पड़ेगा, बल्कि इससे उनका अवसरवाद ही बेनकाब होगा.
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एमएस/