
वाशिंगटन, 28 अप्रैल . सप्ताहांत में व्हाइट हाउस कॉरेस्पॉन्डेंट्स डिनर के दौरान हुई गोलीबारी के संदिग्ध हमलावर ने घटना से पहले एक घोषणापत्र भेजा था. जांचकर्ताओं के मुताबिक, इस दस्तावेज में उसने अमेरिकी President और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को निशाना बनाने की अपनी मंशा साफ लिखी थी.
अधिकारियों ने बताया कि हमलावर कोल टॉमस एलन ने हमले से कुछ समय पहले अपने परिवार के सदस्यों और एक पूर्व नियोक्ता को ईमेल भेजा था. इस ईमेल के साथ “माफी और स्पष्टीकरण” नाम का एक दस्तावेज भी जुड़ा था.
इस संदेश में एलन ने लिखा, “मैंने जो परेशानी पैदा की, उसके लिए मुझे बेहद खेद है.” उसने यह भी कहा कि उसे अपने किए के लिए माफी मिलने की उम्मीद नहीं है.
इसके बाद दस्तावेज में उसने अपने कदम को सही ठहराने की कोशिश की. उसने लिखा, “मेरे प्रतिनिधि जो करते हैं, उसकी जिम्मेदारी मुझ पर आती है, और अब मैं अपराधों को सहन नहीं कर सकता.”
जांचकर्ताओं के अनुसार, इस घोषणापत्र में साफ लिखा था कि एलन का निशाना डिनर में मौजूद बड़े Governmentी अधिकारी थे. दस्तावेज में कहा गया कि “प्रशासन के अधिकारी लक्ष्य हैं, जिन्हें पद के हिसाब से ऊपर से नीचे तक प्राथमिकता दी गई है.”
अमेरिकी वकील जीनिन पिरो ने कहा कि इस लिखित बयान में किसी तरह की अस्पष्टता नहीं थी. उन्होंने कहा, “यह साफ तौर पर अमेरिका के President की हत्या की कोशिश थी और आरोपी ने अपनी मंशा स्पष्ट कर दी थी.”
दस्तावेज़ में एलन ने कुछ “नियम” भी लिखे थे. उसमें कहा गया था कि सीक्रेट सर्विस के कर्मियों को केवल जरूरत पड़ने पर ही निशाना बनाया जाएगा और होटल के स्टाफ या मेहमान उसके मुख्य लक्ष्य नहीं थे.
इसके बावजूद, उसने यह भी माना कि इस हमले में और लोगों को नुकसान हो सकता है. उसने लिखा कि “अगर बिल्कुल जरूरी हुआ, तो वह बाकी लोगों को भी नुकसान पहुंचा सकता है.” अभियोजकों के अनुसार, इससे खतरे की गंभीरता साफ होती है.
जांचकर्ताओं ने बताया कि यह ईमेल पहले से तय समय पर भेजने के लिए सेट किया गया था, जिससे लगता है कि हमले की पूरी योजना पहले से बनाई गई थी और बाद में अपने कदम को समझाने की कोशिश की गई.
अधिकारियों के मुताबिक, एलन ने उन लोगों से भी माफी मांगी जो उसके टारगेट के पास होने के कारण खतरे में आ गए.
कार्यवाहक अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लैंच ने कहा कि घोषणापत्र मकसद की व्यापक जांच का हिस्सा है. उन्होंने कहा कि आगे की जांच एफबीआई और अन्य एजेंसियां कर रही हैं. अधिकारियों ने बताया कि आरोपी के होटल के कमरे और घर से मिले इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा था या उसने अकेले ही यह सब किया.
एफबीआई निदेशक काश पटेल ने कहा कि जांच कई राज्यों में चल रही है और एजेंट सबूत इकट्ठा कर रहे हैं तथा लोगों से पूछताछ कर रहे हैं, ताकि पूरी साजिश और उसके कारणों को समझा जा सके.
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