Skip to content
Wednesday, 21 October 2026
Hindi Daily Kiran India, Rajasthan, business, sports, tech और अन्य श्रेणियों की ताज़ा हिन्दी ख़बरें।
BREAKING
स्वास्थ्य/चिकित्सा

एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर ग्रीन टी और ब्लैक टी में कौन है सेहत के लिए ज्यादा फायदेमंद?

एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर ग्रीन टी और ब्लैक टी में कौन है सेहत के लिए ज्यादा फायदेमंद?

New Delhi, 21 जून . चाय दुनिया के सबसे लोकप्रिय पेय पदार्थों में से एक है. कई लोगों की सुबह चाय की चुस्की के बिना शुरू नहीं होती. स्वाद और ताजगी के अलावा चाय को सेहत के लिए भी फायदेमंद माना जाता है. खासकर ग्रीन टी और ब्लैक टी को लेकर अक्सर चर्चा होती रहती है कि इनमें से कौन-सी चाय शरीर के लिए ज्यादा अच्छी है. ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने से लेकर दिल की सेहत और वजन कंट्रोल तक, दोनों चाय के अपने-अपने फायदे बताए जाते हैं.

वैज्ञानिकों के अनुसार, ग्रीन टी और ब्लैक टी दोनों में पॉलीफेनॉल नाम के पौधों से मिलने वाले प्राकृतिक तत्व पाए जाते हैं. ये ऐसे तत्व हैं जो शरीर में बनने वाले हानिकारक फ्री रेडिकल्स से लड़ने में मदद करते हैं. फ्री रेडिकल्स कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाते हैं और लंबे समय में कई बीमारियों का खतरा बढ़ा सकते हैं.

ग्रीन टी में पॉलीफेनॉल की एक खास कैटेगिरी ‘कैटेचिन’ ज्यादा मात्रा में मौजूद रहती है, जो शरीर में सूजन को कम करने और ग्लूकोज के इस्तेमाल को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है.

ब्लड शुगर को नियंत्रित करने के मामले में ग्रीन टी को अक्सर अधिक प्रभावी माना जाता है. कई शोधों में पाया गया है कि इसमें मौजूद कैटेचिन और अन्य एंटी-ऑक्सीडेंट शरीर की इंसुलिन को बेहतर बनाते हैं. इंसुलिन वह हार्मोन है जो रक्त में मौजूद शुगर को कोशिकाओं तक पहुंचाने का काम करता है. जब शरीर इंसुलिन का सही तरीके से उपयोग नहीं कर पाता, तब ब्लड शुगर बढ़ने लगता है. ग्रीन टी में मौजूद तत्व इस प्रक्रिया को बेहतर बनाने में मदद करते हैं, जिससे रक्त में शुगर का स्तर नियंत्रित रखने में मदद मिलती है.

वहीं, ब्लैक टी कम फायदेमंद है. ब्लैक टी भी एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होती है. इसमें थियाफ्लेविन और थियारूबिजिन जैसे तत्व पाए जाते हैं, जो चाय की पत्तियों के ऑक्सीकरण के दौरान बनते हैं. मेडिकल रिसर्च बताती है कि ये तत्व दिल की सेहत को बेहतर बनाने, सूजन कम करने और शरीर की कोशिकाओं को नुकसान से बचाने में मदद करते हैं. कुछ अध्ययनों में यह भी पाया गया है कि ब्लैक टी का नियमित सेवन ब्लड शुगर नियंत्रण में सहायक हो सकता है, लेकिन इसके प्रभाव ग्रीन टी की तुलना में थोड़े कम दिखाई देते हैं.

चाय के सेवन का तरीका भी उसके फायदों को प्रभावित करता है. विशेषज्ञों के अनुसार, ग्रीन टी को बहुत ज्यादा उबालना नहीं चाहिए. हल्के गर्म पानी में कुछ मिनट तक छोड़ने से इसके सक्रिय तत्व सुरक्षित रहते हैं. दूसरी ओर ब्लैक टी को थोड़ी देर तक गर्म पानी में रखा जाता है ताकि उसका स्वाद और गुण अच्छी तरह निकल सकें. दोनों प्रकार की चाय बिना चीनी के पी जाएं. यदि इनमें अतिरिक्त चीनी मिला दी जाए, तो ब्लड शुगर नियंत्रण से जुड़े संभावित फायदे काफी हद तक कम हो सकते हैं.

ग्रीन टी के अन्य फायदों की बात करें तो यह वजन कंट्रोल, बेहतर मेटाबॉलिज्म और दिल के स्वास्थ्य में लाभदायक है.

–

पीके/डीकेपी

Share