
मुजफ्फरनगर, 13 अगस्त . उत्तर प्रदेश शासन ने मुजफ्फरनगर दंगे मामले में पूर्व Union Minister डॉ संजीव बालियान, साध्वी प्राची, पूर्व मंत्री सुरेश राणा, पूर्व सांसद कुंवर भारतेंदु, मंत्री कपिल देव अग्रवाल सहित कई नेताओं के खिलाफ दर्ज मुकदमे वापस ले लिए हैं.
Government के आदेश पर स्पेशल एमपी/एमएलए कोर्ट ने यह केस वापल ले लिया है. आरोपियों के खिलाफ भड़काऊ भाषण देने और निजी परिवाद दायर किए गए थे. मुकदमा वापस लिए जाने पर साध्वी प्राची ने खुशी जाहिर की है.
इन मुकदमों में लगातार सुनवाई जारी थी, और अब शासन के आदेश पर ये सभी मुकदमे वापस किए गए, जिसमें नेताओं को राहत मिली है. इसमें साध्वी प्राची भी शामिल हैं.
साध्वी प्राची ने समाचार एजेंसी से बातचीत के दौरान खुशी जाहिर करते हुए कहा कि वर्ष 2013 में मुजफ्फरनगर में जो घटनाएं हुई थीं, उनके दौरान वह हिंदुओं की रक्षा, सुरक्षा, सम्मान और स्वाभिमान के लिए वहां गई थीं.
उन्होंने तत्कालीन Samajwadi Party Government और आजम खान पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उस समय मुजफ्फरनगर में दंगे कराए गए थे. साध्वी प्राची ने कहा कि उन्होंने और उनके साथ मौजूद लोगों ने हिंदू समाज की सुरक्षा के लिए काम किया था और बाद में उन्हें एक Political प्रोपेगेंडा के तहत मुकदमों में फंसाया गया.
उन्होंने कहा कि अब मुजफ्फरनगर की अदालत द्वारा उन्हें सम्मानपूर्वक बरी किए जाने के बाद वे अदालत का धन्यवाद करती हैं. साध्वी प्राची ने कहा कि मामले में निष्पक्ष जांच और कार्रवाई हुई है. उन्होंने भारतीय जनता पार्टी की Government, Chief Minister योगी आदित्यनाथ तथा शासन और प्रशासन का भी आभार जताया.
साध्वी प्राची ने कहा कि वह विशेष रूप से भारतीय जनता पार्टी और Chief Minister योगी आदित्यनाथ को धन्यवाद देती हैं. उनका कहना है कि Government की ओर से मामले में निष्पक्षता बरती गई और अदालत की प्रक्रिया के बाद उन्हें राहत मिली. उन्होंने कहा कि वह इस फैसले के लिए न्यायपालिका, Government, शासन और प्रशासन सभी का धन्यवाद करती हैं.
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एएसएच/डीकेपी