अब क्या करने पश्चिम बंगाल जा रहे राहुल गांधी : संजय निरुपम

Mumbai , 14 अप्रैल . शिवसेना नेता संजय निरुपम ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के पश्चिम बंगाल दौरे पर सवाल उठाया. उन्होंने कहा कि यह अच्छी बात है कि राहुल गांधी पश्चिम बंगाल जा रहे हैं. लेकिन, मेरा सीधा-सा सवाल है कि जब राज्य में चुनावी बिगुल बजा है, तब ही उन्हें क्यों पश्चिम बंगाल की याद आई? आखिर वो पिछले पांच सालों से कहां थे?

उन्होंने Tuesday को समाचार एजेंसी से बातचीत में कहा कि पश्चिम बंगाल में पिछले 40 सालों से कांग्रेस सत्ता से बाहर है. कांग्रेस की स्थिति पश्चिम बंगाल में शून्य हो चुकी है. राज्य में कोई भी कांग्रेस को पूछने वाला नहीं है. वहीं, अब जब चुनावी बिगुल बज चुका है, तो यह अफसोस की बात है कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी को पश्चिम बंगाल की याद आ रही है.

शिवसेना नेता संजय निरुपम ने कहा कि सिर्फ चुनाव के समय जाने से राहुल गांधी को राज्य में किसी भी प्रकार का फायदा होने वाला नहीं है. मेरा सीधा-सा सवाल है कि अब तक इन पांच सालों में कांग्रेस के कितने नेताओं ने पश्चिम बंगाल जाकर वहां पर जनता से संवाद स्थापित करने का प्रयास किया.

उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्य की बात है कि जनता से संवाद के अभाव में कांग्रेस को हर चुनाव में हार का मुंह देखना पड़ता है. इसके बाद कांग्रेस पार्टी हार का ठीकरा चुनाव आयोग पर फोड़ देती है, जो कि पूरी तरह से गलत है.

इसके अलावा, सीएम योगी आदित्यनाथ ने श्रमिकों की मांग को मानते हुए उनके न्यूनतम मजदूरी में इजाफा करने का फैसला किया है, जिसका संजय निरुपम ने स्वागत किया. उन्होंने कहा कि Chief Minister ने यह एक अच्छा कदम उठाया है, जिसका हम स्वागत करते हैं. श्रमिक हमारे अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, लिहाजा उनके हितों के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए.

साथ ही, उन्होंने पश्चिम बंगाल की Chief Minister ममता बनर्जी और टीएमसी कार्यकर्ताओं की भी निंदा की. उन्होंने कहा कि ये देखने को मिल रहा है कि सीएम ममता बनर्जी और उनकी पार्टी के कार्यकर्ता लंबे समय से मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की आलोचना कर रहे हैं. ऐसे लोगों को यह समझना होगा कि एसआईआर की पूरी प्रक्रिया को Supreme Court की निगरानी में संपन्न किया जा रहा है. ऐसी स्थिति में यह ममता बनर्जी और उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं के लिए यह जरूरी हो जाता है कि वो Supreme Court पर विश्वास रखें.

उन्होंने कहा कि अब टीएमसी और उसके कार्यकर्ताओं के लिए यह जरूरी है कि वो एसआईआर के मुद्दे का जिक्र आम लोगों के बीच में नहीं करें, क्योंकि इसे Supreme Court की निगरानी में संपन्न किया जा रहा है.

वहीं, Maharashtra के नासिक स्थित टीसीएस कंपनी में धर्मांतरण के प्रकरण पर भी संजय निरूपम ने अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि यह कोई साधारण घटना नहीं है, बल्कि बहुत ही गंभीर घटना है. हमारे Chief Minister और उप-Chief Minister ने इसे पूरी गंभीरता से लिया है. इस मामले को संज्ञान में लेने के बाद Maharashtra Police ने कार्रवाई की, जिसके बाद कई लोगों को गिरफ्तार भी किया गया.

उन्होंने कहा कि मेरा इस पूरे मामले में टीसीएस कंपनी से यही सवाल रहेगा कि आप दुनिया की सबसे प्रतिष्ठित कंपनी की सूची में शुमार हैं. आप पूरी दुनिया को सेवा देने में सबसे आगे रहती हैं. लेकिन, अफसोस की बात है कि आपकी नाक के नीचे इतना दुर्भाग्यपूर्ण कृत्य किया जा रहा है. लेकिन, आपने कोई ध्यान नहीं दिया.

एमएस/

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