पश्चिम बंगाल: समिक भट्टाचार्य के नाम पर पैसे वसूलने की कोशिश करने के आरोप में एक व्यक्ति गिरफ्तार

कोलकाता, 9 अगस्त . पश्चिम बंगाल भाजपा अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य के नाम का इस्तेमाल कर एक रियल एस्टेट कंपनी से पैसे वसूलने की कोशिश करने के आरोप में कोलकाता Police ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है.

आरोपी की गिरफ्तारी बिधाननगर साइबर क्राइम थाने में दर्ज एक शिकायत के आधार पर की गई.

इस मामले की जानकारी खुद भाजपा प्रदेश अध्यक्ष समीक भट्टाचार्य ने Sunday को एक कार्यक्रम के दौरान दी.

उन्होंने कहा, ”मेरे ध्यान में यह मामला आया कि एक रियल एस्टेट कंपनी से मेरे नाम पर पैसे मांगे जा रहे हैं. बताया गया कि कुछ लोग मेरा नाम लेकर कंपनी से धन उगाही करने की कोशिश कर रहे हैं. कंपनी को मेरे हस्ताक्षर, नाम और पदनाम वाला एक पत्र भी भेजा गया था. मुझे नहीं पता कि यह कैसे किया गया. इसके बाद मैंने बिधाननगर साइबर क्राइम विभाग में शिकायत दर्ज कराई और मामले की जांच करने को कहा.”

भट्टाचार्य ने बताया कि जांच में पता चला कि जलपाईगुड़ी जिले का एक व्यक्ति उनके नाम का इस्तेमाल कर रियल एस्टेट कंपनी से वसूली की साजिश रच रहा था. उन्होंने कहा कि Police ने जांच शुरू की और हावड़ा जिले के सालकिया इलाके से एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है.

हाल ही में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा था कि राज्य में रंगदारी और अवैध वसूली की घटनाओं को पूरी तरह रोकने में भाजपा Government बनने के बाद भी कुछ समय लगेगा.

उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं को भी चेतावनी दी थी कि यदि कोई नेता या कार्यकर्ता वसूली या किसी अन्य गैरकानूनी गतिविधि में शामिल पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा था कि भ्रष्टाचार से जुड़े आरोपों को गंभीरता से लिया जाएगा.

समीक भट्टाचार्य ने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं से यह भी कहा था कि वे वाम मोर्चा और तृणमूल कांग्रेस Governmentों के दौर की Political संस्कृति से बाहर निकलें और स्वच्छ राजनीति को बढ़ावा दें.

कुछ दिन पहले भाजपा नेतृत्व ने जिला पर्यवेक्षकों को पार्टी के भीतर वसूली गिरोहों से जुड़े लोगों और पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल कार्यकर्ताओं की पहचान करने की जिम्मेदारी सौंपी थी.

राज्य भाजपा नेतृत्व ने जिला अध्यक्षों और विधायकों को भी वसूली से जुड़े आरोपों पर सख्ती से कार्रवाई करने का संदेश दिया है.

पार्टी नेतृत्व को कई मामलों में यह रिपोर्ट मिली है कि जिला अध्यक्ष, जिला महासचिव और विधायक आपसी समन्वय के साथ काम नहीं कर रहे हैं. भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने कहा है कि पार्टी को मजबूत बनाने के लिए बेहतर तालमेल जरूरी है और वसूली के मामलों में जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जाएगी.

एएमटी/डीकेपी

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